विशेष रिपोर्ट: उत्तराखंड में बढ़ा राजनीतिक तापमान। चढ़ावा चोरी पर वार-पलटवार, राहुल गांधी की रैली पर बवाल

उत्तराखंड में बढ़ा राजनीतिक तापमान। चढ़ावा चोरी पर वार-पलटवार, राहुल गांधी की रैली पर बवाल

देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी प्रकरण और राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

एक ओर बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के 17 जुलाई के ‘छात्रों की गूंज‘ कार्यक्रम के लिए परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द होने पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा स्वयं मंदिर समिति ने दर्ज कराया और उसे कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि जांच पूरी निष्पक्षता से चल रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यकाल में कथित अनियमित नियुक्तियों और मंदिर समिति के धन के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए दस्तावेज सार्वजनिक किए तथा उन्हें बदरीनाथ या केदारनाथ धाम में खुली बहस की चुनौती भी दी।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वर्तमान प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए उनके कार्यकाल पर सवाल उठा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने पहले ही हेमंत द्विवेदी से सार्वजनिक बहस की चुनौती स्वीकार करने की बात कही थी।

इसी बीच बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले की जांच का दायरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद खजांची समेत चार अन्य कर्मचारियों को भी जांच प्रभावित होने की आशंका के चलते उनके दायित्वों से हटा दिया गया है।

हाई पावर कमेटी और मंदिर समिति की आंतरिक जांच समानांतर रूप से जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सेवा रिकॉर्ड और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि मामले को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है।

उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 17 जुलाई को देहरादून में होने वाले ‘छात्रों की गूंज‘ कार्यक्रम को लेकर भी विवाद गहरा गया है। प्रशासन ने परेड ग्राउंड में पहले दी गई अनुमति रद्द कर दी, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देर रात परेड ग्राउंड पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड का ताला तोड़ दिया। अब यह कार्यक्रम बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रारंभिक आवेदन में राहुल गांधी के कार्यक्रम का उल्लेख नहीं किया था और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था तथा पहले से चल रहे ‘लोक संवर्धन पर्व‘ को देखते हुए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराया है।

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने इसे सरकार की राजनीतिक दुर्भावना बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी के कार्यक्रम से घबरा गई है।

इस तरह उत्तराखंड में धार्मिक आस्था से जुड़े बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण और राहुल गांधी के दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

एक ओर मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव भी खुलकर सामने आ गया है।