उत्तराखंड में एक्शन डे! CBI, STF और पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा
देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को कानून-व्यवस्था और आर्थिक अपराधों के खिलाफ एजेंसियों ने कई बड़े एक्शन किए। राजधानी देहरादून में मस्जिदों से नियमों के विपरीत संचालित लाउडस्पीकर हटाए गए तो वहीं सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
दूसरी ओर हरिद्वार पुलिस ने 50 लाख रुपये के हाईटेक बैंक फ्रॉड का खुलासा किया, हल्द्वानी में 72 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया, बाजपुर में एसटीएफ ने नकली दवाइयों के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और काशीपुर में 1109 करोड़ रुपये के केनरा बैंक घोटाले में सीबीआई ने छापेमारी की।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में दून पुलिस और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर बिना अनुमति और निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित 43 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाए।
पुलिस ने भविष्य में नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। हालांकि इस कार्रवाई के विरोध में एक समुदाय विशेष के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया और पुलिस वाहनों के हूटर पर भी कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच देहरादून में भाजपा महिला मोर्चा की शिकायत पर सोशल मीडिया पर उत्तराखंड की महिलाओं के खिलाफ कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले एक फेसबुक अकाउंट के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू करते हुए कहा कि आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर हरिद्वार पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग के जरिए खाताधारक के नाम पर डेबिट कार्ड जारी कराकर लाखों रुपये निकाल लिए। इन पैसों से ज्वेलरी, प्लॉट और स्कूटी खरीदी गई।
पुलिस ने 13 लाख रुपये नकद, 12 लाख रुपये के प्लॉट की रजिस्ट्री, स्कूटी, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में साइबर ठगों ने बीमा पॉलिसी का बोनस और रिफंड दिलाने का झांसा देकर एक बुजुर्ग से 72.33 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।
ठगों ने खुद को एनपीसीआई का अधिकारी बताकर कई महीनों तक अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम वसूली। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
वहीं उधम सिंह नगर के बाजपुर में एसटीएफ और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने नकली एलोपैथिक दवाइयों के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया।
छापेमारी में एक लाख से अधिक नकली टैबलेट, 15 हजार सिरप की बोतलें, पैकेजिंग मशीनें, भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब और आबकारी होलोग्राम बरामद किए गए। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
इसी क्रम में देश के चर्चित 1109 करोड़ रुपये के केनरा बैंक घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तराखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी की।
उत्तराखंड के काशीपुर स्थित एक विनिर्माण इकाई में कई घंटे तक जांच कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी पर बैंक से ऋण लेने के लिए वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। सीबीआई ने बरामद दस्तावेजों के आधार पर जांच तेज कर दी है।
प्रदेश में एक ही दिन सामने आए इन मामलों ने कानून-व्यवस्था, आर्थिक अपराध, साइबर सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पुलिस, एसटीएफ और सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


