दून में दो विवाद, दो जांच। अस्पताल में मारपीट और बुजुर्ग से कथित अभद्रता के वीडियो वायरल
- गायनी इमरजेंसी में इलाज को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदला, चार कर्मचारी घायल; तिब्बती मार्केट प्रकरण में एसएसपी ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
देहरादून। राजधानी देहरादून में रविवार को दो अलग-अलग घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। एक ओर दून अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में इलाज को लेकर मरीज के परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
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वहीं दूसरी ओर तिब्बती मार्केट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक बुजुर्ग ठेली संचालक के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दून अस्पताल में रविवार तड़के गायनी इमरजेंसी में भर्ती एक महिला मरीज के इलाज के दौरान किसी बात को लेकर उसके परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
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मारपीट में एक महिला सुरक्षा गार्ड, एक वार्ड आया और दो अन्य सुरक्षा कर्मी घायल हो गए। आरोप है कि महिला सुरक्षा गार्ड पर बोतल से हमला किया गया। घटना के वायरल वीडियो में एक महिला तीमारदार सुरक्षा कर्मियों को लात मारती हुई भी दिखाई दे रही है।
मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला को समय पर इलाज नहीं मिला और बिना आवश्यकता यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट (यूपीटी) कराने के लिए कहा गया। विरोध करने पर अस्पताल कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यूपीटी गायनी इमरजेंसी में उपचार प्रक्रिया का नियमित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल है, जिससे मरीज की स्थिति का सही आकलन कर सुरक्षित इलाज सुनिश्चित किया जाता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उधर, तिब्बती मार्केट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान एक बुजुर्ग ठेली संचालक और ड्यूटी पर तैनात उप निरीक्षक के बीच विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
आरोप है कि कहासुनी के बाद पुलिसकर्मी ने बुजुर्ग के साथ मारपीट की। यह घटना नगर निगम द्वारा घोषित नो वेंडिंग जोन में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई।
वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दोनों घटनाओं ने राजधानी में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


