ऊधमसिंहनगर में सबसे ज्यादा 473 हिस्ट्रीशीटर, अधूरी सूचना पर विवाद
हल्द्वानी। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में कुमाऊँ परिक्षेत्र पुलिस मुख्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं।
समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया द्वारा मांगी गई 10 बिंदुओं की सूचना के जवाब में पुलिस मुख्यालय ने अधिकांश मामलों में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि संबंधित जानकारी “कार्यालय में धारित नहीं है“।
हालांकि विभाग ने मार्च 2026 तक कुमाऊँ परिक्षेत्र में दर्ज 772 हिस्ट्रीशीटरों का आंकड़ा सार्वजनिक किया है।
पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र कार्यालय से प्राप्त जवाब के अनुसार ऊधमसिंहनगर में सबसे अधिक 473, नैनीताल में 154, पिथौरागढ़ में 56, चम्पावत में 41, जबकि अल्मोड़ा और बागेश्वर में 24-24 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं।
विभागीय रिकॉर्ड में वर्ष की शुरुआत में 706 सक्रिय, 66 निष्क्रिय, 190 श्रेणी ‘अ’ और एक श्रेणी ‘ब’ हिस्ट्रीशीटर दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
वर्ष के दौरान केवल एक निरोधात्मक कार्रवाई दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि नए हिस्ट्रीशीट, खाता नष्ट, हस्तांतरण और पुनः बंदी जैसी प्रविष्टियां शून्य दर्शाई गई हैं।
आरटीआई के जवाब में पुलिस विभाग ने यह भी कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत चिन्हित अभियुक्तों की संख्या संबंधित कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
कई अन्य बिंदुओं पर भी यही जवाब दिया गया कि सूचना संबंधित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है और आवेदक को अलग-अलग जिलों में आरटीआई लगाने की सलाह दी गई।
हेमंत सिंह गौनिया ने विभाग द्वारा दी गई सूचना को अधूरा और नियमों के विपरीत बताते हुए प्रथम अपील दायर की है।
उनका आरोप है कि प्रश्नवार उत्तर नहीं दिए गए, कई बिंदुओं पर सूचना रोकने का कानूनी आधार भी नहीं बताया गया और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। उन्होंने अपील में सभी 10 बिंदुओं पर पूर्ण, प्रमाणित और बिंदुवार सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।


