‘किसान यूनियन’ की आड़ में 140 बीघा अवैध प्लॉटिंग का खेल, HRDA ने चलाया बुलडोजर
रिपोर्ट- सलमान मलिक
रुड़की। रुड़की में प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग और खनन के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की टीम ने भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ भगवानपुर और बुग्गावाला क्षेत्र में धावा बोलते हुए करीब 140 बीघा में फैले अवैध साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
खबर का असर, प्रशासन का हंटर
यह कार्रवाई उस खुलासे के बाद हुई, जिसमें सामने आया था कि तेलपुरा-बुग्गावाला मार्ग पर बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। खबर प्रसारित होने के बाद HRDA की वीसी सोनिका मीणा ने सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
‘किसान यूनियन’ के नाम पर खेल
जांच में सामने आया कि भू-माफियाओं ने कार्रवाई से बचने के लिए एक नया हथकंडा अपनाया। रातों-रात अवैध प्लॉटिंग वाली जगह पर ‘भारतीय किसान यूनियन तोमर’ के बोर्ड लगा दिए गए और कुछ हिस्सों को ‘प्रदेश कार्यालय’ घोषित कर दिया गया, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन यह चाल ज्यादा देर नहीं चली। HRDA ने मौके पर पहुंचकर इस फर्जीवाड़े को ध्वस्त कर दिया।
बुलडोजर एक्शन: दुकानें सील, सड़कें उखाड़ी
कार्रवाई के दौरान
- अवैध रूप से बनाई गई दुकानों को सील किया गया
- कॉलोनी के भीतर बनी सड़कों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया
- पूरे 140 बीघा क्षेत्र में फैली प्लॉटिंग को खत्म कर दिया गया
- इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति रही।
अवैध खनन का भी खुलासा
बुग्गावाला क्षेत्र से सामने आए वीडियो में नदी किनारे भारी मशीनों से अवैध खनन होते दिखा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क को कुछ तथाकथित किसान नेताओं और प्रशासनिक मिलीभगत का संरक्षण प्राप्त था। विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाने के आरोप भी सामने आए हैं।
बड़े सवाल खड़े
इस कार्रवाई के बाद अब कई अहम सवाल उठ रहे हैं:-
- क्या किसान यूनियन जैसे संगठनों के नाम का दुरुपयोग हो रहा है?
- क्या अवैध खनन और प्लॉटिंग के पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा था?
- क्या सफेदपोश चेहरों पर भी कार्रवाई होगी?
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
HRDA की इस बड़ी कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि अब रुड़की में अवैध कब्जे, फर्जी संगठन और भू-माफियाओं का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खबर के असर के बाद हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ भू-माफियाओं की कमर तोड़ी है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो बड़े से बड़ा अवैध साम्राज्य भी कुछ ही घंटों में मिट्टी में मिल सकता है।

