देवभूमि महोत्सव का भव्य आगाज़। प्रतिभा, संस्कृति और रचनात्मकता की शानदार झलक
देहरादून। Dev Bhoomi Uttarakhand University द्वारा आयोजित दो दिवसीय देवभूमि महोत्सव-2026 का प्रथम दिवस अत्यंत उत्साह, ऊर्जा और सांस्कृतिक विविधता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों एवं स्थानीय दर्शकों की सहभागिता से पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि Dr. Manjunath T.C. (एसएसपी नैनीताल), विशिष्ट अतिथि Dr. Jagdish Chandra तथा Arden Progressive School के चेयरमैन B.C. Upadhyay की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी विचारों से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर Dr. R. K. Tripathi, हेड एडमिशन एंड मार्केटिंग Rahul Bhatt, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड लिबरल आर्ट्स की डीन Dr. Bhavana Goyal तथा स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट के डीन Dr. Chandramouli की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के चेयरमैन Sanjay Bansal एवं Aman Bansal के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य से हुआ, जिसमें कुमाऊं की समृद्ध परंपराओं की झलक देखने को मिली। प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
फैशन डिजाइन विभाग द्वारा आयोजित “Mr. and Mrs. Kumaon” प्रतियोगिता कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें लगभग 60 प्रतिभागियों ने रैम्प वॉक के माध्यम से आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में हैम ने Mr. Kumaon तथा शाना ने Mrs. Kumaon का खिताब अपने नाम किया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक एवं आधुनिक परिधानों के माध्यम से क्षेत्रीय संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन किया।
फाइन आर्ट्स विभाग द्वारा आयोजित पेंटिंग प्रदर्शनी, फेस पेंटिंग एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने सामाजिक विषयों, संस्कृति और रचनात्मक सोच को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसकी सभी ने सराहना की।
मुख्य अतिथि Dr. Manjunath T.C. ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर देते हैं।
वहीं Dr. Jagdish Chandra ने अनुशासन, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। B.C. Upadhyay ने भी विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रो-वाइस चांसलर Dr. R. K. Tripathi ने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से Holistic Education को बढ़ावा देता है, जिससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम में छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक सफल बनाया। सभी ने सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मकता को बढ़ावा देने की इस पहल की सराहना की।
महोत्सव के दूसरे दिन रील प्रतियोगिता, ओपन माइक, मास्टर शेफ कुमाऊं एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के और अधिक अवसर मिलेंगे।

