तमिलनाडु रैली में राहुल गांधी का हमला। BJP-RSS पर भाषा, परिसीमन और संघीय ढांचे को लेकर उठाए सवाल
चेन्नई। राहुल गांधी ने तमिलनाडु के पोंनेरी (तिरुवल्लुर) में आयोजित जनसभा में केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया राजनीतिक कदमों के जरिए दक्षिण भारतीय राज्यों, खासकर तमिलनाडु, के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
“महिला आरक्षण के नाम पर छिपा एजेंडा”
राहुल गांधी ने संसद में लाए गए महिला आरक्षण विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे एक बड़े राजनीतिक बदलाव के औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, इसके जरिए परिसीमन कर दक्षिण और छोटे राज्यों की सीटों में बदलाव का प्रयास हो सकता है।
उन्होंने कहा, “ये महिला बिल नहीं था, बल्कि देश के राजनीतिक और इलेक्टोरल स्ट्रक्चर को बदलने की कोशिश थी, संविधान पर हमला था। हमने इसे रोक दिया।”
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो 2023 के विधेयक को तुरंत लागू करे—विपक्ष पूरा समर्थन देगा।
संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकार पर जोर
राहुल गांधी ने कहा कि भारत “राज्यों का संघ” है और हर राज्य को अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान की रक्षा का अधिकार है। उन्होंने केंद्र पर राज्यों को नियंत्रित करने की कोशिश का आरोप लगाया और इसे संघीय ढांचे के खिलाफ बताया।
BJP-RSS पर सांस्कृतिक आरोप
अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर तमिल भाषा और संस्कृति को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा या सांस्कृतिक पहचान पर हमला स्वीकार्य नहीं है।
प्रधानमंत्री के कथित “एक राष्ट्र, एक नेता, एक भाषा” विचार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश की विविधता और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
INDIA गठबंधन का रुख
राहुल गांधी ने कहा कि INDIA Alliance केंद्र के केंद्रीकरण के प्रयासों का विरोध जारी रखेगा और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा।
तमिलनाडु में चुनावी माहौल तेज
तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। मुकाबला मुख्य रूप से DMK गठबंधन और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच माना जा रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद दक्षिण भारत की राजनीति में परिसीमन, संघीय ढांचे और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दे फिर से केंद्र में आ गए हैं, जो आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

