कपाट खुलने से पहले ही उमड़े श्रद्धालु, अलर्ट सरकार। एडवाइजरी जारी
देहरादून। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत आगाज हो चुका है। कपाट खुलने से पहले ही धर्मनगरी हरिद्वार से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो गया, जबकि सरकार और प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
हरिद्वार से यात्रा का शुभारंभ, 250 श्रद्धालु रवाना
हरिद्वार स्थित मायादेवी मंदिर से शनिवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद करीब 250 श्रद्धालुओं का पहला जत्था चारधाम के लिए रवाना हुआ। पूरे शहर से लगभग 1000 वाहन यात्रा पर निकले। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
ट्रैवल कारोबारियों के अनुसार इस बार सरकार द्वारा यात्रियों की कैपिंग (सीमित संख्या) हटाए जाने से बुकिंग में तेजी आई है और यात्रा के रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, ‘ग्रीन और सुरक्षित यात्रा’ पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ करते हुए बसों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल तीर्थ नहीं, बल्कि आस्था और आत्मिक ऊर्जा का स्रोत है।
सरकार ने इस वर्ष “ग्रीन चारधाम यात्रा” और “प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ” का लक्ष्य रखा है। साथ ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यात्रा और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
गंगोत्री के लिए रवाना हुई मां गंगा की डोली
उत्तरकाशी के मुखबा गांव से मां गंगा की भोग मूर्ति की डोली अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई। ग्रामीणों ने भावुक विदाई दी। डोली भैरों घाटी में रात्रि विश्राम के बाद आज गंगोत्री पहुंचेगी। वहीं खरसाली गांव से मां यमुना की डोली भी यमुनोत्री के लिए रवाना हो रही है।
कल खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री, आगे की तिथियां तय
- 19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे
- 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
- 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम
रिकॉर्ड तोड़ सकती है इस साल की यात्रा
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार
- 2023: 56 लाख श्रद्धालु
- 2024: 48 लाख
- 2025: 51 लाख
इस साल बेहतर कनेक्टिविटी और व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं की संख्या नए रिकॉर्ड बना सकती है।
रजिस्ट्रेशन और हेली सेवाओं की सुविधा
चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। अब तक 17 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग शुरू हो चुकी है, जबकि इस बार बदरीनाथ के लिए भी हेली सेवा शुरू करने की तैयारी है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत
- यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टरों में बांटा गया
- 24×7 कंट्रोल रूम और ड्रोन निगरानी
- 13 स्क्रीनिंग पॉइंट, 24 मेडिकल पोस्ट
- 500 से अधिक डॉक्टरों की तैनाती
- सीसीटीवी और रियल टाइम मॉनिटरिंग
यात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
सरकार ने यात्रियों को रजिस्ट्रेशन, ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड और वाहन फिटनेस अनिवार्य करने के साथ सुरक्षित यात्रा के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, वहीं सरकार और प्रशासन भी इसे ऐतिहासिक बनाने की दिशा में पूरी तैयारी के साथ जुटे हैं। आस्था, पर्यटन और अर्थव्यवस्था से जुड़ी यह यात्रा इस साल नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।

