बड़ी खबर: वीकेंड पर उमड़ी भीड़, मसूरी और हरिद्वार में ट्रैफिक व्यवस्था हुई बेपटरी

वीकेंड पर उमड़ी भीड़, मसूरी और हरिद्वार में ट्रैफिक व्यवस्था हुई बेपटरी

देहरादून। उत्तराखंड में गर्मियों की छुट्टियों और वीकेंड के चलते पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इसका असर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की यातायात व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।

रविवार को मसूरी और हरिद्वार दोनों शहरों में लंबे ट्रैफिक जाम ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई स्थानों पर वाहन घंटों तक रेंगते रहे, जबकि प्रशासन और पुलिस को यातायात सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।

मसूरी में सड़क किनारे पार्किंग बनी सबसे बड़ी समस्या

पहाड़ों की रानी मसूरी में रविवार सुबह से ही देहरादून-मसूरी मार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग ट्रैफिक जाम की प्रमुख वजह बनी हुई है।

बड़ी संख्या में पर्यटक अपनी निजी गाड़ियों को सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं, जबकि कई होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे भी पर्यटकों के वाहनों को सड़क पर पार्क करा रहे हैं।

संकरी सड़कों पर खड़े वाहनों के कारण दोतरफा यातायात प्रभावित हो रहा है और जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है, लेकिन पार्किंग व्यवस्था को लेकर अभी तक कोई प्रभावी समाधान नहीं निकाला गया है।

ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग से बढ़ी परेशानी

मसूरी पेट्रोल पंप क्षेत्र में सीमेंट, बजरी, कोल्ड ड्रिंक और अन्य सामान लेकर आने वाले बड़े ट्रकों की सड़क किनारे लोडिंग-अनलोडिंग भी जाम का कारण बन रही है।

व्यस्त समय में भारी वाहनों की मौजूदगी से यातायात बाधित हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों का सुझाव है कि यदि ऐसे वाहनों के लिए निर्धारित समय तय किया जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

प्रमुख चौराहों पर पुलिस की कमी

यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यस्त समय में कई प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस की अनुपस्थिति देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यटन सीजन में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जरूरी है, ताकि ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके।

हरिद्वार में भी हाईवे से लेकर पार्किंग तक दबाव

उधर धर्मनगरी हरिद्वार में भी रविवार को ट्रैफिक का भारी दबाव देखने को मिला। शंकराचार्य चौक, चंडी घाट चौक, पंतद्वीप पार्किंग और उत्तरी हरिद्वार के कई क्षेत्रों में लंबा जाम लग गया। स्थिति ऐसी रही कि कुछ मिनटों का सफर तय करने में लोगों को घंटों लग गए।

गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने और वीकेंड के कारण दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग हरिद्वार, ऋषिकेश और पहाड़ी क्षेत्रों की ओर पहुंचे। इसके चलते शहर की अधिकांश पार्किंग स्थल पूरी तरह भर गए और सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया।

तीर्थ स्थलों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

हरकी पैड़ी, मनसा देवी, चंडी देवी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कई महीनों तक अपेक्षाकृत शांत रहने वाला हरिद्वार अब फिर से यात्रियों से गुलजार हो गया है। बढ़ती भीड़ के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

ट्रैफिक पुलिस के छूटे पसीने

जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस के जवान लगातार सड़क पर डटे रहे। दोपहर में तापमान बढ़ने के साथ जाम में फंसे लोगों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

प्रशासन से ठोस योजना की मांग

मसूरी और हरिद्वार दोनों जगह स्थानीय लोग, व्यापारी और पर्यटक प्रशासन से दीर्घकालिक ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि वैकल्पिक पार्किंग स्थलों का निर्माण, अवैध पार्किंग पर सख्ती, भारी वाहनों की आवाजाही के लिए समय निर्धारण और पर्यटन सीजन में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जैसे कदम तत्काल उठाए जाने चाहिए।

क्या बोले एसएसपी?

हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार तैनात है। साथ ही लोगों से निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

पर्यटन और तीर्थाटन के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत नहीं किया गया तो उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की छवि प्रभावित हो सकती है। बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ यातायात व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना अब प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।