शहजाद भट्टी टेरर नेटवर्क पर देशभर में बड़ा एक्शन। उत्तराखंड में देहरादून-हरिद्वार समेत 5 पर कार्रवाई

शहजाद भट्टी टेरर नेटवर्क पर देशभर में बड़ा एक्शन। उत्तराखंड में देहरादून-हरिद्वार समेत 5 पर कार्रवाई

देहरादून। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित बताए जा रहे शहजाद भट्टी टेरर नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर में बड़ा अभियान चलाया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, 14 राज्यों में हुई कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक एफआईआर दर्ज कर 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां की गई हैं। इस कार्रवाई में उत्तराखंड भी शामिल है, जहां देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर से जुड़े कुल पांच लोगों पर कार्रवाई की गई है।

14 राज्यों में चला बड़ा अभियान

गृह मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से स्वतंत्रता दिवस तक शहजाद भट्टी नेटवर्क की संभावित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान चलाया। कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51, पंजाब में 44, राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8 और उत्तराखंड में 5 लोगों पर कार्रवाई की गई।

इसके अलावा कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अप्रैल में देहरादून से पकड़ा गया था विक्रांत

उत्तराखंड में इस नेटवर्क से जुड़ा मामला अप्रैल में सामने आया था। उत्तराखंड एसटीएफ ने प्रेमनगर के झाझरा निवासी विक्रांत कश्यप को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, विक्रांत सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उसके साथी राणा के संपर्क में था।

उसके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, सात कारतूस और स्प्रे पेंट की कैन बरामद होने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, विक्रांत को देहरादून के महत्वपूर्ण सरकारी और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की वीडियो तथा लोकेशन पाकिस्तान भेजने के निर्देश दिए गए थे।

आरोप है कि उसने आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय समेत अन्य संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाई। जांच में कुछ स्थानों पर ‘टीटीएच’ लिखकर उनकी वीडियो भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। उसके मोबाइल की जांच में कई संदिग्ध संपर्क नंबर मिले, जिनके तार दूसरे राज्यों से जुड़े होने की बात कही गई।

रुड़की के ढंडेरा तक पहुंचा नेटवर्क

शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच में हरिद्वार जिले के रुड़की का ढंडेरा क्षेत्र भी सामने आया। मई में यूपी एटीएस और एसटीएफ ने सहारनपुर से ढंडेरा निवासी मुशर्रफ को तीन अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुशर्रफ सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी नेटवर्क के संपर्क में था। उस पर कथित तौर पर एक अस्पताल को निशाना बनाने की साजिश में शामिल होने और उसकी ऑनलाइन रेकी करने का आरोप लगाया गया था।

ऊधमसिंह नगर से जुड़े संदिग्धों पर भी शिकंजा

नेटवर्क के खिलाफ जारी कार्रवाई में ऊधमसिंह नगर से जुड़े लोगों की गतिविधियों की भी जांच की गई है। जिले में सामने आए संदिग्ध संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों को सुरक्षा एजेंसियों ने जांच के दायरे में लिया है। गृह मंत्रालय की 17 अगस्त की जानकारी में उत्तराखंड से कुल पांच लोगों पर कार्रवाई का आंकड़ा सामने आया है।

हथियार और निगरानी उपकरण बरामद

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, देशभर में हुई कार्रवाई के दौरान आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, पाकिस्तान आयुध फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्टल, जिंदा कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए हैं।

एजेंसियों का दावा है कि बरामद सामग्री और डिजिटल साक्ष्यों से नेटवर्क के सीमा पार संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने और संवेदनशील स्थानों की रेकी कराने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है।

देहरादून में रेकी से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने संपर्क में लाने, संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाने और आतंकी गतिविधियों के लिए उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था।

देहरादून में सरकारी और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की कथित रेकी से लेकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर से सामने आए मामलों ने उत्तराखंड में इस नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।