क्राइम अपडेट: चार जिलों से चार बड़ी घटनाएं। कहीं मौत, कहीं मारपीट, कहीं आग का तांडव

चार जिलों से चार बड़ी घटनाएं। कहीं मौत, कहीं मारपीट, कहीं आग का तांडव

देहरादून। उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से गुरुवार को दर्दनाक हादसों और विवादों की कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। कहीं सड़क हादसे में इंटर्न डॉक्टर की जान चली गई, तो कहीं तेज रफ्तार बाइक ने मासूम को मौत के घाट उतार दिया।

वहीं देहरादून में DRDO वैज्ञानिक से मारपीट का मामला तूल पकड़ गया, जबकि विकासनगर में शादी के पटाखों से खड़ी कारों में भीषण आग लग गई।

हरिद्वार: सड़क हादसे में इंटर्न डॉक्टर की मौत

बहादराबाद थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से 25 वर्षीय इंटर्न डॉक्टर ऋतुराज की मौके पर ही मौत हो गई। वह स्कूटी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे।

हादसे में साथ बैठी महिला इंटर्न डॉक्टर बाल-बाल बच गईं, लेकिन सदमे में हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए फरार वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है।

रुद्रपुर: 4 साल की मासूम को बाइक ने कुचला

किच्छा क्षेत्र में घर के पास दुकान जा रही 4 वर्षीय ईशानवी को तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी बाइक छोड़कर फरार हो गया।

पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

देहरादून: DRDO वैज्ञानिक से मारपीट पर बढ़ा विवाद

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा से मारपीट के मामले में एटीएस कॉलोनी के लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे और आरोपी बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आरोप है कि जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर हुए विवाद में बिल्डर पुनीत अग्रवाल ने वैज्ञानिक और उनके परिवार के साथ मारपीट की, जिसमें वैज्ञानिक के कान का पर्दा तक फट गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

विकासनगर: शादी के पटाखों से कारों में लगी आग

जीवनगढ़ क्षेत्र में एक वेडिंग प्वाइंट के बाहर खड़ी कारों में अचानक आग लग गई। आशंका है कि बारात के दौरान फोड़े गए पटाखों की चिंगारी से यह हादसा हुआ।

देखते ही देखते कई वाहन जलकर राख हो गए। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

इन घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में सड़क सुरक्षा, लापरवाही और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हादसों के बीच स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।