रातिघाट में शराब दुकान विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता को सुरक्षा देने के आदेश
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अल्मोड़ा मार्ग स्थित रातिघाट में शराब की दुकान खोलने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
न्यायालय ने जिलाधिकारी नैनीताल को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को सुरक्षा प्रदान की जाए और तीन सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार आवश्यक निर्णय लिया जाए।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने याचिका का निस्तारण कर दिया। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए संबंधित शराब दुकान पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
घोड़ाखाल निवासी सुरेश चंद्र उप्रेती ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बताया कि उन्हें सरकार द्वारा भारतीय निर्मित विदेशी मदिरा (IMFL) की खुदरा बिक्री का वैध लाइसेंस प्राप्त है। इसके बावजूद कुछ लोग उनकी दुकान के सामने लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता के अनुसार, इस विरोध के कारण न केवल उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बनी हुई है। उन्होंने न्यायालय से मांग की थी कि उनकी दुकान पर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
प्रशासन को क्या निर्देश मिले?
याचिका में यह भी कहा गया कि जब सरकार ने लाइसेंस जारी किया है, तो लाइसेंसधारी को सुरक्षा प्रदान करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट को अभ्यावेदन दिया है और 24 घंटे के भीतर एक और प्रार्थना पत्र देने की बात कही है।
न्यायालय ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता के प्रकरण पर विधि के अनुरूप विचार करते हुए तीन सप्ताह के भीतर उचित आदेश पारित करें और तब तक आवश्यक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
संभावित असर
इस फैसले से राज्य में लाइसेंसधारी व्यापारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर एक स्पष्ट संदेश गया है। साथ ही, स्थानीय विरोध और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी प्रशासन के सामने बनी हुई है।

