क्राइम रिपोर्ट: उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और सामाजिक चुनौतियां एक साथ उजागर। आप भी पढ़ें….

उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और सामाजिक चुनौतियां एक साथ उजागर। आप भी पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से सामने आई घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं नाबालिग के साथ अपराध, कहीं बाल विवाह की कोशिश, तो कहीं सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा और अवैध घुसपैठ जैसे मामले सामने आए हैं।

हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए फर्जी पहचान बनाकर एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है।

आरोपी युवक ने खुद को हिंदू बताकर छात्रा से दोस्ती की और बाद में शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया। पुलिस ने पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं रुद्रप्रयाग जिले में बाल विवाह के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। दो दिनों के भीतर दूसरा मामला सामने आया, जिसे प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की तत्परता से समय रहते रोक दिया गया। इस साल अब तक जिले में 26 बाल विवाह रुकवाए जा चुके हैं, बावजूद इसके यह कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रही।

हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगाए गए कैंप में भारी संख्या में फर्जी आवेदन सामने आए हैं। नगर निगम की जांच में कई ऐसे लोग पकड़े गए, जिनके पास पहले से मकान होने के बावजूद उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। कार्रवाई के डर से अब कई लोग अपने आवेदन वापस लेने लगे हैं।

इधर ऋषिकेश में पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला फर्जी दस्तावेजों के सहारे पहचान छिपाकर रह रही थी और सोशल मीडिया के जरिए भारत आई थी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

उधर रुद्रपुर में गैस रिसाव के कारण घर में आग लगने से पांच लोग झुलस गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। अग्निशमन विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

इन सभी घटनाओं से साफ है कि राज्य में एक ओर जहां अपराध के नए तरीके सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक कुरीतियां और योजनाओं में गड़बड़ियां भी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ समाज को भी अधिक जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।