PM मोदी के देहरादून दौरे पर कांग्रेस के सवाल, बीजेपी की सफाई और दुष्यंत गौतम की गैरमौजूदगी पर विवाद
देहरादून। प्रधानमंत्री Narendra Modi के देहरादून दौरे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर जहां कांग्रेस ने उनके संबोधन पर तीखा हमला बोला, वहीं बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है। साथ ही, बीजेपी प्रदेश प्रभारी Dushyant Gautam की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
कांग्रेस का हमला: ‘जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया’
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष Ganesh Godiyal ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए 10 महत्वपूर्ण सवालों को प्रधानमंत्री ने “चिमटे से भी नहीं छुआ”।
उन्होंने केंद्र की Agnipath Scheme योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सेना में भर्ती का सपना देखने वाले युवाओं की उम्मीदें टूटी हैं।
साथ ही राज्य में बढ़ते महिला अपराध, भर्ती घोटालों और Ankita Bhandari murder case का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
एक्सप्रेसवे पर भी उठाए सवाल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर प्रतिक्रिया देते हुए गोदियाल ने कहा कि यदि यह “भाग्य रेखा” है, तो सरकार स्पष्ट करे कि इससे राज्य को ठोस लाभ क्या होगा।
उन्होंने स्थायी राजधानी, लोकायुक्त नियुक्ति और सख्त भू-कानून जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा।
ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चिंता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2.5 घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचने की सुविधा जहां एक ओर फायदेमंद है, वहीं इससे शहर पर ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने चेताया कि,
- देहरादून की आंतरिक सड़कें पर्याप्त नहीं हैं
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम कमजोर है
- शहर की क्षमता सीमित है
मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जाने वाले पर्यटकों के कारण देहरादून “बॉटलनेक” बन सकता है। उन्होंने सरकार से ठोस ट्रैफिक प्लान और एडवाइजरी जारी करने की मांग की।
रोड शो पर भी विवाद
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए छात्रों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों और श्रमिकों को जबरन मानव श्रृंखला में शामिल किया गया। गोदियाल ने दावा किया कि 12 किमी लंबी मानव श्रृंखला में शामिल अधिकांश लोग स्वेच्छा से नहीं आए थे।
दुष्यंत गौतम की गैरमौजूदगी पर सियासत
कार्यक्रम में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, लेकिन प्रदेश प्रभारी Dushyant Gautam की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री Tirath Singh Rawat और Vijay Bahuguna समेत कई बड़े नेता मंच पर मौजूद थे, लेकिन गौतम नजर नहीं आए। कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व ने गंभीर आरोपों के चलते उनसे दूरी बना ली है।
बीजेपी की सफाई
बीजेपी की ओर से प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि यह एक सरकारी कार्यक्रम था, इसलिए मंच पर संगठन के पदाधिकारियों को स्थान नहीं दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ दुष्यंत गौतम ही नहीं, बल्कि सह प्रभारी रेखा वर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं थीं।
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को “अनर्गल बयानबाजी” करार देते हुए कहा कि संबंधित मामलों में राज्य सरकार पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है।
प्रधानमंत्री के दौरे के बाद जहां विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार उत्साहित है, वहीं विपक्ष ने इसे मुद्दों से भटकाने वाला करार दिया है।
एक्सप्रेसवे, कानून-व्यवस्था, युवाओं के रोजगार और राजनीतिक संकेतों को लेकर राज्य में सियासी बहस तेज हो गई है।


