पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में दर्ज मुकदमों के आधार पर की गई है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी एवं अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद और देहरादून के नेहरू कॉलोनी तथा डालनवाला थानों में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
आरोप है कि सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कई ऑडियो और वीडियो साझा किए थे, जिनमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप लगाए गए थे। इन वीडियो के वायरल होने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी।
मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था। हाल ही में नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज चार एफआईआर में से दो को निरस्त कर दिया था, जबकि शेष दो मामलों में जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। पुलिस ने इन्हीं मामलों में आगे की कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की है।
पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने रविवार शाम हरिद्वार जिले के बुग्गावाला क्षेत्र से सुरेश राठौर को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पूर्व विधायक से रविवार रात विस्तृत पूछताछ की गई, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई।
गौरतलब है कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने 5 जनवरी को डालनवाला कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के संदर्भ में सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो के माध्यम से उन्हें और भाजपा के अन्य नेताओं को बदनाम करने तथा झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है।
सुरेश राठौर वर्ष 2017 में हरिद्वार जिले की ज्वालापुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उर्मिला सनावर के साथ उनके संबंधों और वायरल वीडियो को लेकर वे लंबे समय से विवादों में रहे हैं। इन विवादों के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।


