उत्तराखंड उद्यान विभाग से नाराज कृषक, हिमाचल सरकार की बीच दरों से ज्यादा उत्तराखंड की दरें

उत्तराखंड उद्यान विभाग से नाराज कृषक, हिमाचल सरकार की बीच दरों से ज्यादा उत्तराखंड की दरें

 

देहरादून।  विभाग द्वारा क्रय किये गये हाइब्रिड बीज की कोई विश्वसनीयता नही है। क्योंकि विभाग के पास ऐसा कोई तत्रं नही है जो आपूर्ति किये गये बीज की शुद्धता बता सके। जिन किस्मों के बीज की आवश्यक्ता होती है उनका समय पर बीज नहीं मिलता। विभाग द्वारा दिये गये हाइव्रिड सब्जी बीजों में कभी-कभी जमाव ही नहीं होता बीज आपूर्ति क्रताओं द्वारा पुराने बीजों को ही पुनः पैकिगं कर कास्तकारों को बाटं दिये जाते हैं। राज्य में सब्जी के हाइब्रिड बीज उद्यान विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार की निर्धारित दरों से 20 से 50 प्रतिशत से अधिक दरों पर क्रय किया जाता है।

हिमाचल सरकार की दरें

Approved Rates of Hybrid Seed during 2017-2018
S.No. Name of Hybrid Seed Rate per Qtl.
1. Tomato 20,500 per Kg.
2. Cabbage 17,500 per Kg.
3.Capsicum 50,000 per Kg.
4. Capsicum (Coloured) 70,000 per Kg.
5. Cauliflower 21,000 per Kg.
6.Cucumber 12,000 per Kg.
7. Cucumber (Poly house) 7.50 per Seed
8.Chillies 29,500 per Kg.
9. Brinjal (Round) 9,000 per Kg.
10. Brinjal (Long) 10,000 per Kg.
11. Radish 1,000 per Kg.
12. Lady’s Finger (Okra) 1,200 per Kg.
13. Bottle Gourd 4,000 per Kg.
14. Bitter Gourd 6,000 per Kg.
15. Broccoli 40,000 per kg.

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उत्तराखंड राज्य में विभाग/शासन द्वारा हाइब्रिड सब्जी बीजों की कोई दरें निर्धारित नहीं की गई है। आहरण वितरण अधिकारी अपने कमिशन के चक्कर में महंगा से महंगा हाइब्रिड बीज क्रय करते हैं। शासन/निदेशालय से इन हाइब्रिड सब्जी बीजों को क्रय करने की कोई वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति भी आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा नहीं ली जाती। उत्तराखंड में sustainable development , निरंतर विकास, सतत् विकास, स्थाई विकास, टिकाऊ विकास, जीरो बजट खेती तथा जैविक फसल उत्पादन, समेकित व संतुलित खेती की बड़ी-बड़ी बातें की जाती है। दूसरी तरफ विभागों द्वारा निशुल्क हाइव्रिड बीज वितरित किये जा रहे हैं। जिनका प्रयोग जैविक खेती में प्रतिवन्धित है।

हाइव्रिड बीजों से कास्तकार आगामी वर्षों के लिये गुणवत्ता वाले बीज नहीं बना सकता है साथ ही इन हाइब्रिड बीजों के कारण उन्नत स्थानीय बीज जो यहां की भूमि में रचे-बसे हैं, भी नष्ट हो रहे हैं। जैविक खेती के लिए स्थानीय परमपरागत किस्में या उन्नतशील open pollinated किस्मों के बीज ही बोये जा सकते है। हाइव्रिड सब्जी बीज बहुत महंगा होता है, एक लाख रुपया प्रति किलो तक जब कि Open pollinated उन्नतशील किस्मों का बीज 200 से 500 रुपये तक ही होता है। जिससे ज्यादा वास्तविक कृषकों को लाभान्वित किया जा सकता है। साथ ही कृषक आगामी वर्षों के लिये अपनी फसल से बीज भी बना सकेगा।

 

राज्य में अधिकतर कृषक आलू, मटर, अदरक, लहसुन, प्याज आदि की व्यवसायिक खेती करते हैं। विभाग योजनाओं में करोड़ों रुपए हाइब्रिड बीज क्रय कर एक ओर सरकारी धन का दुरपयोग कर रहा है। वहीं दूसरी ओर कृषकों को समय पर योजनाओं में आलू, मटर, अदरक, लहसुन, प्याज आदि के उन्नत शील किस्मों के प्रमाणित बीज राज्य के कृषकों को उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। विभाग द्वारा आपूर्ति किये गये सब्जी बीजों की गुणवत्ता पर कई बार प्रश्नचिन्ह भी लगते रहते है। क्योंकि बीज कृषकों को विभागीय योजनाओं में मुफ्त (निशुल्क) में वितरित किया जाता है। साथ ही विभागीय योजनाओं में मिलने वाला लाभ आगे के लिए बन्द न हो, इसलिए कृषक भी बीजों की निम्न गुणवत्ता पर कम ही सवाल उठाते हैं।