बंदरों और लावारिस पशु बने काल, कोटद्वार में बालक और हल्द्वानी में दो युवकों की मौत
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं।
कोटद्वार में बंदरों से बचने के प्रयास में एक 12 वर्षीय बालक छत से गिरकर मौत का शिकार हो गया, जबकि हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग पर सड़क पर आई गाय को बचाने के दौरान बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने से दो युवकों की जान चली गई।
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र के लकड़ीपड़ाव मोहल्ले में 12 वर्षीय रिहान पुत्र इरफान घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान छत पर आए बंदरों को देखकर वह घबरा गया।
बताया जा रहा है कि एक बंदर उसके करीब आने लगा, जिससे बचने के प्रयास में रिहान का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल बालक को परिजन तत्काल बेस चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
वहीं, हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग पर शुक्रवार तड़के रेलवे क्रॉसिंग के पास एक बाइक सड़क पर आई गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई।
हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय वैभव छाबड़ा और 29 वर्षीय चेतन चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान रुद्रपुर निवासी वैभव छाबड़ा और ग्राम फूलसुंघी निवासी चेतन चौहान के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोनों युवकों की असमय मौत से परिवारों में शोक की लहर है।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर आबादी वाले क्षेत्रों में बंदरों की बढ़ती संख्या और सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं से पैदा हो रहे खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।


