स्वाइन फ्लू अलर्ट के बीच अस्पताल तैयार, SGRRU का IIT दिल्ली से बड़ा समझौता

स्वाइन फ्लू अलर्ट के बीच अस्पताल तैयार, SGRRU का IIT दिल्ली से बड़ा समझौता

देहरादून। राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुरुवार को दो बड़ी पहल सामने आईं। एक ओर स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 50 बेड का विशेष वार्ड और पांच आईसीयू बेड आरक्षित कर दिए हैं।

दूसरी ओर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) ने आईआईटी दिल्ली के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) कर एआई, आधुनिक कृषि, हेल्थ साइंसेज और अत्याधुनिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग का नया रास्ता खोला है।

स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए अस्पताल ने कसी कमर
देहरादून में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पॉजिटिव मामलों को देखते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने अपनी तैयारियां मजबूत कर दी हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के संदिग्ध एवं संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 50 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया है। गंभीर मरीजों के लिए पांच आईसीयू बेड भी सुरक्षित रखे गए हैं।

अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक ने बताया कि वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत को स्वाइन फ्लू मामलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। संदिग्ध मामलों की निगरानी, जांच और उपचार के लिए विशेष गाइडलाइन भी जारी की गई है।

गुरुवार को सीएमओ कार्यालय से एसीएमओ डॉ. राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल का दौरा कर स्वाइन फ्लू उपचार व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया।

12 से 24 घंटे में मिलेगी जांच रिपोर्ट

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के अंतर्गत संचालित सेंट्रल मॉलिक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी में डीएनए/आरएनए स्तर की जांच की जा रही है।

लैब की डायरेक्टर डॉ. ईवा चंदोला के अनुसार, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की मदद से स्वाइन फ्लू सैंपलों की जांच कर 12 से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधा है। लैब में प्रतिदिन करीब 100 सैंपलों की जांच की क्षमता बताई गई है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और संक्रमण की पुष्टि होने पर समय रहते उपचार शुरू किया जा सकेगा।

आईआईटी दिल्ली के साथ एसजीआरआरयू का अहम समझौता

उधर, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली के बीच गुरुवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के जरिए दोनों संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक कृषि, हेल्थ साइंसेज, नवाचार और अत्याधुनिक अनुसंधान के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।

एसजीआरआरयू की ओर से कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर और आईआईटी दिल्ली की ओर से प्रो. डॉ. अश्विनी के अग्रवाल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू का विशेष लाभ विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को मिलने की उम्मीद है। दोनों संस्थानों के बीच फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र एवं शोधार्थी आदान-प्रदान, नवीन शोध एवं तकनीकी जानकारियों की साझेदारी और संयुक्त शोध परियोजनाओं पर काम करने के अवसर विकसित किए जाएंगे।

छात्रों को मिलेगा रिसर्च और इनोवेशन का बूस्ट

कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर ने कहा कि यह साझेदारी एसजीआरआरयू में रिसर्च, इनोवेशन और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निकट भविष्य में आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिक और शिक्षाविद एसजीआरआरयू के इंजीनियरिंग छात्र-छात्राओं से संवाद भी करेंगे।

एमओयू के तहत विशेष रूप से एआई, आधुनिक कृषि तकनीक, हेल्थ साइंसेज और अन्य उभरते क्षेत्रों में संयुक्त शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।

आईआईटी दिल्ली की विशेषज्ञता और एसजीआरआरयू की अकादमिक एवं शोध क्षमताओं के सहयोग से विद्यार्थियों को नई तकनीकों, उच्चस्तरीय शोध और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

विश्वविद्यालय परिसर में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल रहा और खुशी में मिठाइयां भी बांटी गईं। कार्यक्रम में डॉ. लोकेश गम्भीर, डॉ. पंकज कुमार गर्ग, डॉ. सोनिया गम्भीर और डॉ. अशोक भण्डारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर उच्चस्तरीय तकनीकी और शोध सहयोग तक, देहरादून में गुरुवार को हुई ये दोनों पहलें शहर के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।