प्याज 60 पार, मिठाइयां 10 फीसदी महंगी। 28 अगस्त से 25 रुपये किलो मिलेगा प्याज
देहरादून। त्योहारों के सीजन से पहले देहरादून में महंगाई ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है। एक ओर बाजार में प्याज के दाम 45 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, वहीं दूसरी ओर मिठाई विक्रेताओं ने भी मिठाइयों के दाम में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है।
हालांकि प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच दूनवासियों के लिए राहत की खबर भी है। 28 अगस्त से उपभोक्ताओं को 25 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
1000 से अधिक राशन दुकानों पर मिलेगा सस्ता प्याज
पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। इसे देखते हुए निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी प्रशासन ने सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
नाफेड के बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति की जाएगी और इसे निरंजनपुर मंडी के साथ जिले की 1000 से अधिक सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा।
पहले चरण में 28 अगस्त को करीब 1000 क्विंटल प्याज देहरादून पहुंचने की संभावना है। मंडी में 18 लाइसेंसधारी व्यापारियों के माध्यम से इसकी बिक्री की जाएगी, जबकि सरकारी राशन दुकानों के जरिए शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी सस्ता प्याज पहुंचाया जाएगा। इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ने और खुले बाजार की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
निरंजनपुर नवीन सब्जी मंडी के सचिव विजय थपलियाल के अनुसार, उत्तराखंड में अधिकांश प्याज की आपूर्ति नासिक से होती है। पिछले दिनों बारिश के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसके चलते कीमतों में तेजी आई। आने वाले समय में प्याज के दामों में कमी आने की भी संभावना जताई जा रही है।
नाफेड के बफर स्टॉक से होगी आपूर्ति
नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) अपने बफर स्टॉक से देहरादून को प्याज उपलब्ध कराएगा। नाफेड के पास करीब 60 हजार मीट्रिक टन प्याज का बफर स्टॉक बताया जा रहा है।
देहरादून की जरूरत को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी प्याज की आपूर्ति की जाएगी। मांग और उपलब्धता के आधार पर आगे की खेप भेजी जाएगी।
मिठाइयों पर 10 फीसदी बढ़ोतरी
वहीं, त्योहारों के सीजन से पहले मिठाई खरीदना भी महंगा हो गया है। देहरादून मिठाई एसोसिएशन ने करीब 120 मिठाई विक्रेताओं के साथ बैठक के बाद मिठाइयों के दाम में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
एसोसिएशन का कहना है कि चीनी, देसी घी, काजू, बादाम, पिस्ता, दूध और अन्य कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण उत्पादन लागत बढ़ गई है।
अगस्त 2025 से अगस्त 2026 के बीच चीनी की कीमत 44 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। काजू 800 से बढ़कर 1040 रुपये और बादाम गिरी 670 से बढ़कर 1050 रुपये प्रति किलो हो गई है। सबसे ज्यादा तेजी पिस्ते में देखने को मिली है, जिसकी कीमत 1950 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 4500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
देसी घी भी 620 रुपये से बढ़कर 720 रुपये प्रति किलो हो गया है। वनस्पति घी, बेसन, आटा और दूध समेत कई अन्य जरूरी सामग्री के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सोहन हलवा और लड्डू भी महंगे
कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर कुछ मिठाइयों के रेट पर भी दिखने लगा है। मिठाई एसोसिएशन की सूची के अनुसार सोहन हलवा 1000 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये प्रति किलो हो गया है। आटा लड्डू और बेसन लड्डू की कीमत भी 600 रुपये से बढ़कर 680 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है।
मिठाई एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने कहा कि कच्चे माल के लगातार बढ़ते दामों के कारण कारोबारी नुकसान झेल रहे थे। बैठक के बाद तय किया गया कि बढ़ी हुई लागत का कुछ भार विक्रेता खुद वहन करेंगे, जबकि कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाला जाएगा।
फिलहाल मिठाइयों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिवाली तक लागू रहेगी। यदि कच्चे माल की कीमतों में और तेजी आती है तो दिवाली के आसपास कीमतों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
त्योहारों से पहले खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की नजर
त्योहारी सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई दुकानों, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट में जांच अभियान चलाया जा रहा है। टीम खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज रही है।
प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे में देहरादून में त्योहारों से पहले आम जनता को महंगाई का दोहरा झटका जरूर लगा है, लेकिन 28 अगस्त से 25 रुपये किलो प्याज मिलने की तैयारी कुछ हद तक राहत दे सकती है।


