राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम का सख्त संदेश, लक्ष्य से पीछे विभागों को तुरंत सुधार के निर्देश
- हर माह होगी विभागवार समीक्षा, खनन ने लक्ष्य से अधिक वसूली की तो कई विभागों का प्रदर्शन रहा कमजोर
देहरादून। सरकारी राजस्व वसूली में ढिलाई पर अब जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में स्पष्ट कर दिया कि राजस्व प्राप्ति में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों को तत्काल प्रभाव से कार्ययोजना बनाकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
डीएम ने कहा कि अब प्रत्येक माह विभागवार प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में जल संस्थान, परिवहन, सिंचाई, वन विभाग और निबंधन विभाग की राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। जिन विभागों की प्रगति अपेक्षा से कम रही, उन्हें कारणों का विश्लेषण कर प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान सिंचाई विभाग ने बताया कि 100 लाख रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले जून तक 20.04 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है।
वहीं उप निबंधक कार्यालयों को दिए गए 1450 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष जून तक 380 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क से 129 करोड़ रुपये की आय शामिल है।
जिला खनन अधिकारी ने जानकारी दी कि जून 2026 के लिए निर्धारित 8 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 8.06 करोड़ रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा अवैध खनन के चार और अवैध परिवहन के पांच मामलों में 13.60 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसमें से 12.67 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है।
आबकारी विभाग ने 667.60 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष जून तक 128 करोड़ रुपये तथा राज्य कर विभाग ने 4563.74 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1142.36 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
परिवहन विभाग ने बताया कि इस वर्ष उसके लिए कोई वार्षिक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन जून 2026 तक 5906.50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.67 प्रतिशत अधिक है।
नगर निगम देहरादून ने 75 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 24.37 करोड़ रुपये, जबकि नगर निगम ऋषिकेश ने 1247.20 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 170.56 लाख रुपये की वसूली की है।
वन विभाग ने 63.63 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले अब तक 17.22 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
बैठक में सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और अन्य राजस्व अर्जित करने वाले विभागों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, खनन, नगर निगम, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


