एक तरफ अपराध की घटनाएं, दूसरी तरफ उपलब्धि। ICJS क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में अव्वल
देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर जहां हरिद्वार और रुद्रपुर से अपराध के मामले सामने आए हैं, वहीं दूसरी ओर न्यायिक और पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण में राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
दहेज के लिए 50 लाख की मांग, पति-सास-ससुर पर मुकदमा
हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार उसका विवाह 17 नवंबर 2004 को पंजाब के मोगा में ज्वालापुर की राजनगर कॉलोनी निवासी युवक से हुआ था। शादी के बाद वह ससुराल में रहने लगी, लेकिन आरोप है कि ससुराल पक्ष कम दहेज लाने की बात कहकर उसे लगातार प्रताड़ित करता रहा।
महिला का आरोप है कि माता-पिता की मृत्यु के बाद ससुराल वालों ने उस पर दबाव बनाया कि वह अपने पिता की संपत्ति से हिस्सा लेकर 50 लाख रुपये लेकर आए। असमर्थता जताने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने का विरोध करने पर प्रताड़ना और बढ़ गई। 25 मई 2025 को सास-ससुर ने मिलकर उसे जान से मारने की कोशिश की।
बेहोश होने पर उसे मृत समझ लिया गया, लेकिन होश आने पर उसने अपने वकील को फोन किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पति, सास और ससुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
रुद्रपुर में साइबर ठगी, खाते से उड़े 2 लाख रुपये
उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति के खाते से दो लाख रुपये निकाल लिए।
सिंह कॉलोनी निवासी कलमिन्द्र सिंह ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जब उनका पीएनबी वन ऐप नहीं खुला तो उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया।
फोन करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड करने को कहा।
जैसे ही पीड़ित ने एप डाउनलोड कर बैंक डिटेल डाली, उनका फोन हैक हो गया और खाते से 25-25 हजार रुपये के आठ ट्रांजेक्शन कर कुल दो लाख रुपये निकाल लिए गए।
पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस को बैंक स्टेटमेंट, कॉल व व्हाट्सएप के स्क्रीनशॉट भी दिए हैं।
साइबर क्राइम कंट्रोल इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एप को डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें।
ICJS लागू करने में उत्तराखंड देश में अव्वल
इसी बीच उत्तराखंड ने न्यायिक और कानून प्रवर्तन प्रणाली के आधुनिकीकरण में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ICJS 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में राज्य ने 93.46 स्कोर के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डैशबोर्ड के अनुसार हरियाणा दूसरे, असम तीसरे, सिक्किम चौथे और मध्य प्रदेश पांचवें स्थान पर है।
राज्य में नए कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—को लागू करने के लिए 23 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
ICJS 2.0 के तहत पुलिस (CCTNS), ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक के बीच डेटा का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित किया गया है, जिससे मुकदमों के निस्तारण में तेजी आई है।
उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने कहा कि तकनीकी ढांचे और रीयल-टाइम डेटा एंट्री के कारण उत्तराखंड आज देश के लिए स्मार्ट पुलिसिंग का आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।



