बिग ब्रेकिंग: CM पुष्कर सिंह धामी ने किया मां पूर्णागिरि मेला 2026 का शुभारंभ, कई विकास योजनाओं की घोषणा

CM पुष्कर सिंह धामी ने किया मां पूर्णागिरि मेला 2026 का शुभारंभ, कई विकास योजनाओं की घोषणा

रिपोर्ट- मयंक पंत

टनकपुर/चम्पावत। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेला 2026 का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों एवं देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए मां पूर्णागिरि से सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि मेला ऐसे समय आयोजित होता है जब मौसम सुहावना होता है,

और प्रकृति स्वयं श्रद्धालुओं का स्वागत करती है। उन्होंने मेले को वर्षभर संचालित करने का लक्ष्य रखते हुए कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थायी संरचनाओं और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, धर्मशालाओं और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं।

240 करोड़ से बनेगा टनकपुर ISBT

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और मार्गों का चौड़ीकरण किया जाएगा। पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने और रोपवे निर्माण कार्य को गति देने की भी बात कही गई।

विशेष पर्यटन सर्किट होगा विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा।

इससे पूरे चम्पावत जिले में धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि रोपवे, मल्टी-लेवल पार्किंग, बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक आधारभूत ढांचे के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा का अनुभव कराया जाएगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल क्षेत्र में भी विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जिले को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का एक कैंपस चम्पावत में स्थापित किया गया है,

जहां आईटी लैब और महिला छात्रावास का निर्माण किया गया है। जिला मुख्यालय में 55 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।

लोहाघाट में 237 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर है, जबकि 16 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन तैयार हो चुका है।

जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है। 28 करोड़ रुपये से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान का भवन निर्माण भी पूर्ण हो चुका है।

सांसद अजय टम्टा ने किया स्वागत

कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।

की गई प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरि मेला क्षेत्र और जनपद चम्पावत के लिए कई घोषणाएं भी कीं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग का निर्माण
  • कालीगूठ से पूर्णागिरि मेला स्थलों का सौंदर्यीकरण
  • तामली से रूपालीगढ़ होते हुए सीम तक मोटर मार्ग निर्माण
  • मेला क्षेत्र में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण
  • मंच-लेठी-वमनगांव-तरकुली-आवड़ा-सेम-चूका मोटर मार्ग का सुधारीकरण
  • पूर्णागिरि आंतरिक क्षेत्र में पुलिया व विश्राम स्थल निर्माण

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मेला हमारी प्राथमिकता है,

और प्रत्येक श्रद्धालु को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है।