इंद्रेश अस्पताल ने रचा इतिहास। उत्तराखंड में पहली बार ऑटोलॉगस ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन
देहरादून। श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ने स्तन कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड में पहली बार मल्टी-सेंट्रिक्स ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला का पूरा स्तन हटाने के बाद उसी के शरीर के ऊतकों से नया स्तन बनाकर सफल पुनर्निर्माण किया गया।
यह अत्यंत जटिल सर्जरी अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अजीत तिवारी के नेतृत्व में की गई। करीब पाँच घंटे चली इस सर्जरी में टोटल मैस्टेक्टमी विद ऑटोलॉगस होल ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
मेडिकल भाषा में इसे मल्टी-सेंट्रिक्स ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है, जिसमें स्तन के अलग-अलग हिस्सों में एक से अधिक कैंसर ग्रंथियां विकसित हो जाती हैं। ऐसे मामलों में आंशिक सर्जरी संभव नहीं होती और पूरा स्तन हटाना अनिवार्य होता है।
डॉ. अजीत तिवारी के अनुसार, मरीज के अपने शरीर के टिश्यू से स्तन पुनर्निर्माण करने पर सिलिकॉन इम्प्लांट से जुड़ी जटिलताओं जैसे संक्रमण, इम्प्लांट फेलियर, स्तन का सख्त होना और दोबारा सर्जरी की आवश्यकता की आशंका काफी कम हो जाती है। इससे स्तन अधिक प्राकृतिक दिखाई देता है और लंबे समय तक सुरक्षित परिणाम मिलते हैं।
उन्होंने बताया कि यह सर्जरी उच्च स्तर की विशेषज्ञता, माइक्रो-सर्जिकल स्किल्स और गहन एनाटॉमी ज्ञान की मांग करती है। देश के चुनिंदा चिकित्सा संस्थानों में ही यह उन्नत तकनीक उपलब्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिकंस्ट्रक्टिव ब्रेस्ट सर्जरी केवल शारीरिक उपचार नहीं, बल्कि महिला के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और सामाजिक आत्मविश्वास से भी गहराई से जुड़ी होती है।
श्री महंत इंद्रेश अस्पताल की यह उपलब्धि उत्तराखंड में आधुनिक, रोगी-केंद्रित और मानवीय कैंसर उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



