न्याय यात्रा से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, अंकिता भंडारी मामले पर भी सरकार को घेरा
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिला अपराध, महंगाई और कथित जनविरोधी नीतियों को लेकर कांग्रेस ने 22 अक्टूबर से ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ की शुरुआत की है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा के जरिए कांग्रेस जनता के बीच पहुंचकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
वहीं, हरिद्वार पहुंचीं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
तीन प्रमुख स्थानों से शुरू हुई न्याय यात्रा
कांग्रेस की उत्तराखंड न्याय यात्रा का शुभारंभ बदरीनाथ धाम, देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर और अल्मोड़ा के गोल्ज्यू देवता चितई मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
तीनों स्थानों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कांग्रेस ने इस अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा निकालने की रणनीति बनाई है।
बदरीनाथ धाम से यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया। इस दौरान बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई नेता मौजूद रहे।
गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, दुराचार और अन्याय बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भगवान बदरी विशाल के दरबार से उठी न्याय की आवाज पूरे गढ़वाल, कुमाऊं और तराई तक पहुंचेगी। कांग्रेस जनता के अधिकारों, न्याय और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
देहरादून में प्रीतम सिंह ने संभाली कमान
देहरादून में टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कांग्रेस की न्याय यात्रा शुरू हुई। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही इस यात्रा के तहत राजपुर रोड, मसूरी समेत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सवालों को सुनना है। पार्टी कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अधूरे विकास कार्यों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को सहसपुर और विकासनगर विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा आयोजित की जाएगी। 24 अक्टूबर को चकराता विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे।
25 अक्टूबर को कैंट और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 26 अक्टूबर को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रीतम सिंह 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा सत्र में भाग लेंगे।
कुमाऊं में यशपाल आर्य ने उठाए जनहित के मुद्दे
अल्मोड़ा के गोल्ज्यू देवता चितई मंदिर से शुरू हुई न्याय यात्रा के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलक राज बेहड़ समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस नेताओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समस्याओं को लेकर न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला अपराध और जल, जंगल तथा जमीन से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी हुई है। उनके मुताबिक, सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है और आम लोगों को महंगाई समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अल्मोड़ा से शुरू हुई यात्रा रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा होते हुए रुद्रपुर में कार्यक्रम प्रस्तावित है।
24 अक्टूबर को रुद्रपुर, बाजपुर और काशीपुर होते हुए यात्रा जसपुर पहुंचेगी। 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के साथ इस चरण का समापन प्रस्तावित है।
गढ़वाल से तराई तक सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में शुरू हुई यात्रा के तहत बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ और पीपलकोटी होते हुए चमोली पहुंचने का कार्यक्रम है। 23 अक्टूबर को नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर होते हुए यात्रा रुद्रप्रयाग पहुंचेगी।
24 अक्टूबर को चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के सतपुली, यमकेश्वर और कोटद्वार में यात्रा के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 25 अक्टूबर को लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल में कार्यक्रम होगा। वहीं, 26 अक्टूबर को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी।
कांग्रेस ने हरिद्वार जिले में भी न्याय यात्रा का कार्यक्रम तय किया है। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के नेतृत्व में 23 अक्टूबर को हरिद्वार शहर में यात्रा निकाली जाएगी।
इसके बाद जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम होंगे। 30 अक्टूबर को लक्सर और ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा का समापन प्रस्तावित है।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष राजीव महर्षि के अनुसार, अन्य विधानसभा क्षेत्रों में गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के बाद न्याय यात्रा आयोजित की जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अपनी सुविधा के अनुसार विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष
उत्तराखंड न्याय यात्रा के बीच कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को भी प्रमुख मुद्दा बनाया है। हरिद्वार पहुंचीं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के बजाय मामले से जुड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
रागिनी नायक ने सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बावजूद कथित वीआईपी की पहचान और जांच को लेकर सवाल बने हुए हैं। कांग्रेस की मांग है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
उन्होंने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। रागिनी नायक के मुताबिक, जब अंकिता के माता-पिता दिल्ली में धरने पर बैठे थे, तब वह भी राहुल गांधी के साथ मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया।
रागिनी नायक ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस सड़क से संसद तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
एसआईआर प्रक्रिया पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता के दौरान रागिनी नायक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग करते हुए दावा किया कि इसके तीसरे चरण में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बैठकर मतदाताओं के नाम हटवाने में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रागिनी नायक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जनता को जागरूक करेगी और इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
उत्तराखंड न्याय यात्रा और अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस के हमलावर रुख को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की राजनीतिक सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और जनहित से जुड़े मुद्दों को एक साथ उठाने की रणनीति बनाई है।
एक ओर न्याय यात्रा के जरिए पार्टी प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड और एसआईआर जैसे मुद्दों पर सरकार तथा चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश कर रही है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह अभियान जनता के बीच कितना प्रभाव छोड़ता है और भाजपा सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है।




