हाईकोर्ट ब्रेकिंग: पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत के निर्देश, पार्किंग टेंडर निरस्त

पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत के निर्देश, पार्किंग टेंडर निरस्त

नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत और भीमताल के स्कूल मैदान में पार्किंग निर्माण को लेकर अहम आदेश जारी किए हैं।

एक मामले में कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण देहरादून में शिकायत दर्ज कराने को कहा, जबकि दूसरे मामले में भीमताल के लीलावती पंत हेरिटेज इंटर कॉलेज के खेल मैदान में प्रस्तावित दो मंजिला पार्किंग से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी।

पुलिस अधिकारियों पर रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता और याचिकाकर्ता भुवन पोखरिया की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण, देहरादून में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि तत्कालीन एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा, एएसपी प्रकाश चंद्र, एलआईयू निरीक्षक पंकज उप्रेती और पूर्व सीओ दीपशिखा अग्रवाल की ओर से बिना पर्याप्त साक्ष्य और अभिलेखों के हाईकोर्ट में गलत एवं कूटरचित रिपोर्ट पेश की गई।

याचिकाकर्ता के मुताबिक इस रिपोर्ट के चलते उनके और उनके परिवार की निजता के अधिकार का उल्लंघन हुआ तथा उन्हें मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।

याचिकाकर्ता ने पहले सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत एसएसपी कार्यालय से संबंधित रिपोर्ट के साक्ष्य और दस्तावेज मांगे थे। उनका कहना है कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट ने मामले को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्राधिकरण की जांच या कार्रवाई से याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे दोबारा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

भीमताल में स्कूल मैदान पर पार्किंग का मामला

दूसरे मामले में हाईकोर्ट ने भीमताल स्थित लीलावती पंत हेरिटेज इंटर कॉलेज के खेल मैदान में जिला विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित दो मंजिला पार्किंग के मामले में सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने जिला विकास प्राधिकरण की पार्किंग से संबंधित टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया और जनहित याचिका का भी निस्तारण कर दिया।

सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग ने कोर्ट को बताया कि जिस भूमि पर पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है, वह शिक्षा विभाग की है और उसकी अनुमति के बिना जिला विकास प्राधिकरण ने पार्किंग निर्माण के लिए टेंडर जारी किया।

याचिका में कहा गया था कि विद्यालय के खेल मैदान में पार्किंग बनने से छात्रों की खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी। मैदान से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं और विद्यालय की खेल गतिविधियों में इस मैदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

याचिकाकर्ता महेंद्र सिंह सूर्या ने जनहित याचिका में यह भी आरोप लगाया था कि खेल मैदान को पार्किंग के लिए उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय और अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है।

उनका कहना था कि मैदान का उपयोग पार्किंग के लिए होने से विद्यालय की खेल गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। दोनों मामलों में हाईकोर्ट के आदेशों से संबंधित पक्षों के लिए आगे की प्रक्रिया तय हो गई है।