सावधान: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, 557 मरीजों की पुष्टि। डेंगू और कोरोना के मामले भी बढ़े

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, 557 मरीजों की पुष्टि। डेंगू और कोरोना के मामले भी बढ़े

देहरादून। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रदेश में अब तक 557 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पिछले 24 घंटे में 24 नए मामले सामने आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 472 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन 83 मरीजों का उपचार जारी है। वहीं, स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके साथ ही डेंगू और कोरोना संक्रमण के मामलों में भी इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक स्वाइन फ्लू की चपेट में सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। संक्रमितों में 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के 88 बच्चे और 61 से 70 वर्ष आयु वर्ग के 94 लोग शामिल हैं।

पिछले 24 घंटों में मिले 24 नए मामलों में 12 मरीज देहरादून जिले और 12 अन्य जिलों से हैं।
महानिदेशालय चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार अब तक 1,572 सैंपलों की जांच की गई है, जिनमें 557 लोग पॉजिटिव पाए गए। संक्रमितों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में अधिक है।

उधर, कोरोना संक्रमण के लिए लिए गए 787 सैंपलों में 53 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें 26 मरीज देहरादून और 27 अन्य जिलों के हैं। वहीं डेंगू की जांच के लिए 30,606 सैंपल लिए गए, जिनमें 184 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 158 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 26 का उपचार चल रहा है।

देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाइन फ्लू, डेंगू और कोरोना के मामलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार और उनकी स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही संक्रमण बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और लक्षण होने पर घर में रहने की सलाह भी दी गई है।