क्राइम रिपोर्ट: हादसों का कहर! SBI मैनेजर समेत 5 की मौत, साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़। मसूरी में अवैध निर्माण ध्वस्त

हादसों का कहर! SBI मैनेजर समेत 5 की मौत, साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़। मसूरी में अवैध निर्माण ध्वस्त

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार और सोमवार को अलग-अलग घटनाओं में हादसों और अपराध से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आईं। पौड़ी में सड़क हादसे में एसबीआई पाबौ शाखा के प्रबंधक की मौत हो गई, जबकि हरिद्वार में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन किशोरों की जान चली गई।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से महाराष्ट्र की महिला श्रद्धालु की भी मौत हो गई।

वहीं, नैनीताल पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। देहरादून एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क के मामले में मेरठ के गन हाउस मालिक को गिरफ्तार किया है।

पौड़ी में सड़क हादसे में SBI मैनेजर की मौत

पौड़ी गढ़वाल में सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है।

शनिवार देर रात बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मांडाखाल के समीप एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में एसबीआई पाबौ शाखा के प्रबंधक संजीव किलानिया की मौत हो गई।

बताया गया कि बैंक का काम खत्म करने के बाद संजीव अपने वाहन से पाबौ से पौड़ी स्थित आवास के लिए रवाना हुए थे। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पौड़ी, पाबौ पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने संयुक्त सर्च अभियान चलाया।

मांडाखाल के पास वाहन सड़क से काफी नीचे खाई में मिला। रेस्क्यू टीम ने खाई में उतरकर संजीव को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। संजीव मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे और वर्तमान में पौड़ी में परिवार के साथ रह रहे थे।

हरिद्वार में हादसों ने ली तीन किशोरों की जान

हरिद्वार में सड़क हादसों का सिलसिला भी चिंता बढ़ा रहा है। ज्वालापुर में 30 अगस्त को तेज रफ्तार कार की चपेट में आई 15 वर्षीय किशोरी की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने रविवार को शव सड़क पर रखकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि रविदास चौक अंडरपास के पास कार ने किशोरी को टक्कर मारने के बाद करीब 300 मीटर तक घसीटा था। गंभीर हालत में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया था और आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

वहीं, श्यामपुर के कांगड़ी फ्लाईओवर पर रविवार को कार और स्कूटी की टक्कर में दो किशोरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 16 वर्षीय कार्तिक अग्रवाल और 14 वर्षीय कृष्णा राजपूत के रूप में हुई है।

दोनों किशोर स्कूटी से हरिद्वार से श्यामपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कांगड़ी फ्लाईओवर पर लगातार हो रहे हादसों के चलते एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने से महिला श्रद्धालु की मौत

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा के दौरान चीरबासा हेलीपैड के समीप पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से महाराष्ट्र की 60 वर्षीय महिला श्रद्धालु की मौत हो गई।

मृतका की पहचान मंगल अपाराव सिंधे, निवासी नीमगांव, सोलापुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को रेस्क्यू कर गौरीकुंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रशासन ने यात्रियों से बारिश और मौसम खराब होने के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने यात्रा मार्ग पर तैनात अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

नैनीताल में अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़

नैनीताल पुलिस ने ऑपरेशन हॉटस्पॉट के तहत मुखानी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

लक्ष्मण विहार कॉलोनी में छापेमारी के दौरान गिरोह के मुख्य संचालक राहुल यादव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया।

पुलिस के अनुसार गिरोह म्यूल बैंक खातों और अनधिकृत ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेनदेन में शामिल था। मुख्य आरोपी राहुल यादव मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस का दावा है कि पिछले करीब चार महीनों में गिरोह पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन कर चुका है।

कार्रवाई में 1.18 लाख रुपये से अधिक नकदी, लैपटॉप, आईपैड, 11 मोबाइल फोन, 24 एटीएम और डेबिट कार्ड, 12 सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और बैंक जमा संबंधी पर्चियां बरामद हुई हैं। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक या चेकबुक किसी अन्य व्यक्ति को न दें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क में मेरठ का गन हाउस मालिक गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेरठ के शिवा शस्त्रागार के मालिक शैलेन्द्र को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के अनुसार देहरादून के प्रेमनगर थाने में दर्ज मामले की जांच के दौरान फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार किए जाने का नेटवर्क सामने आया। इससे पहले जनवरी 2026 में मनोज कुमार को गिरफ्तार कर फर्जी शस्त्र लाइसेंस, 30 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किए गए थे।

सिरसा जिलाधिकारी कार्यालय से लाइसेंस का सत्यापन कराने पर पता चला कि संबंधित लाइसेंस वहां से जारी ही नहीं हुआ था। जांच में नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से जुड़े पाए गए हैं। एसटीएफ अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर

मसूरी में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झूलाघर क्षेत्र में चार दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई एसडीएम राहुल आनंद के निर्देश पर तहसीलदार उपेंद्र राणा के नेतृत्व में एमडीडीए, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने की।

प्रशासन के अनुसार संबंधित निर्माण के खिलाफ 17 अगस्त को ध्वस्तीकरण आदेश जारी हुआ था और निर्माणकर्ता को 15 दिन के भीतर स्वयं निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था।

निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया। ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ की गई अपील भी खारिज हो चुकी थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मसूरी में अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार अन्य मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी पासपोर्ट मामले में आचार्य बालकृष्ण बरी

इधर, देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत ने पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को करीब 15 साल पुराने फर्जी पासपोर्ट मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

मामला 2011 में दर्ज हुआ था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। जांच के बाद 2012 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज से जुड़ी धाराएं लगाई गई थीं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सोमवार को विशेष सीबीआई अदालत ने आचार्य बालकृष्ण को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

दिल्ली में इमारत हादसे के बाद अवैध निर्माण पर सख्ती

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से छह लोगों की मौत के बाद अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने चार मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने ऐसे अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सत्य निकेतन क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र पीजी में रहते हैं। हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षित आवास की उपलब्धता का मुद्दा भी सामने आया है।

एबीवीपी और एनएसयूआई ने अलग-अलग प्रदर्शन कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कुल मिलाकर उत्तराखंड में एक तरफ सड़क हादसे और यात्रा मार्ग पर पत्थर गिरने जैसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।

वहीं पुलिस और प्रशासन की ओर से साइबर अपराध, फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।