क्राइम रिपोर्ट: हसीन जहां के आरोपों से हलचल, देहरादून और नैनीताल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

हसीन जहां के आरोपों से हलचल, देहरादून और नैनीताल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को तीन अलग-अलग मामलों ने सुर्खियां बटोरीं। एक ओर भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के विवाद में खानपुर विधायक उमेश शर्मा का नाम आने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

वहीं देहरादून में महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। दूसरी तरफ नैनीताल के लालकुआं में विवाहिता की आत्महत्या के मामले में कथित ब्लैकमेलिंग के आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

सबसे पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

हसीन जहां ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2018 में जब शमी उनके साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे थे, तब खानपुर विधायक उमेश शर्मा के हस्तक्षेप से सुलह की संभावनाएं समाप्त हो गईं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कानूनी विवाद के दौरान शमी की मदद के नाम पर आर्थिक लाभ लिया गया और पुलिस-प्रशासन पर प्रभाव डालने का प्रयास किया गया।

हसीन जहां ने अमरोहा स्थित एक फार्म हाउस से जुड़े चर्चित मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

उधर देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र में महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वांछित आरोपी प्रियांशु को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि महिला और आरोपितों के बीच डेयरी कारोबार और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, महिला को डराने के उद्देश्य से आरोपितों ने योजना बनाकर कार किराये पर ली थी। इससे पहले इस मामले में अन्नू उर्फ चाहत को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

इधर नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र में विवाहिता की आत्महत्या के मामले में भी पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे आशिक अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

आरोप है कि उसने महिला को कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी।

मृतका के परिजनों ने इसी प्रताड़ना को आत्महत्या की वजह बताया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किया है और मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

तीनों मामलों में पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां अपनी-अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। जहां हसीन जहां के आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को जन्म दिया है।

वहीं देहरादून और लालकुआं के मामलों में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। आने वाले दिनों में जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं इन मामलों की दिशा तय करेंगी।