राजनीति: खड़गे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर घमासान। राहुल का BJP-RSS पर हमला, धामी-खजान दास ने कांग्रेस को घेरा

खड़गे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर घमासान। राहुल का BJP-RSS पर हमला, धामी-खजान दास ने कांग्रेस को घेरा

देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को दलित सम्मान, छुआछूत और संविधान से जोड़ते हुए भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और मुद्दाविहीन होने का आरोप लगाया है। इसी बीच भाजपा विधायक खजान दास ने भी कांग्रेस को उसके कथित पुराने रवैये को लेकर घेरा है।

दूसरी ओर हल्द्वानी में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद कर आर्थिक विकास की सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं, जबकि प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र भी शुरू हुआ।शुद्धिकरण विवाद पर राहुल गांधी का हमला

राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हल्द्वानी के शुद्धिकरण मामले को लेकर भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद जिस मंच का शुद्धिकरण किया गया, वह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि संविधान की भावना और सामाजिक समानता पर हमला है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दलित व्यक्ति जितना सफल होता है, उस पर उतनी ही ताकत से हमला किया जाता है। उन्होंने राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि दलित नेताओं के मंदिर या सार्वजनिक स्थानों पर जाने के बाद कथित शुद्धिकरण की घटनाएं सामने आती रही हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि हल्द्वानी में 10 अगस्त को मंच के शुद्धिकरण की घटना हुई और इसके बाद खड़गे ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।

राहुल गांधी ने शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में बोलने और कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

CM धामी का पलटवार, बोले- तुष्टिकरण की राजनीति कर रही कांग्रेस

राहुल गांधी के आरोपों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जाति के आधार पर भेदभाव की कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक कांग्रेस के पास कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह शुद्धिकरण के मामले को तूल दे रही है।

सीएम धामी ने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर धर्म विशेष से जुड़े नारे लगाए गए थे और कार्यक्रम के बाद मैदान में काफी गंदगी भी हुई थी।

उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक आयोजन का स्थान है और इसी वजह से एक स्वयंसेवी संस्था से जुड़े लोगों ने वहां शुद्धिकरण किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि शुद्धिकरण करने वाली संस्था का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऐसा राज्य है जो सभी को आत्मसात करता है और यहां जाति तथा पार्टी के आधार पर भेदभाव की मानसिकता नहीं है।

भाजपा विधायक खजान दास ने कांग्रेस से पूछा सवाल
भाजपा नेता खजान दास ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न दिए जाने के मुद्दे को उठाया।

उन्होंने कांग्रेस से उसके इतिहास का जवाब मांगते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस शासनकाल में आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया गया और वर्ष 1990 में उन्हें यह सम्मान मिला।

खजान दास ने कांग्रेस पर दलित सम्मान को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस से जुड़े पुराने विवाद का भी जिक्र किया और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से जुड़े कथित घटनाक्रम को कांग्रेस के दलित सम्मान के दावों के संदर्भ में उठाया।

भाजपा ने रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान कथित आपत्तिजनक भाषण के मामले को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। खजान दास ने सवाल किया कि कांग्रेस इस मामले पर खुलकर अपना रुख क्यों नहीं रख रही है। उन्होंने कांग्रेस से वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

हरीश रावत और प्रीतम सिंह ने भी सरकार को घेरा
शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों पर प्रहार बताया।

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि जिस मंच से मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाषण दिया, उसी मंच का शुद्धिकरण किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि शुद्धिकरण करने वाले लोग कौन थे और उनका भाजपा तथा आरएसएस से क्या संबंध था। उन्होंने कहा कि छुआछूत को समाप्त करना देश की स्वतंत्रता की लड़ाई और संविधान की मूल भावना का हिस्सा रहा है।

कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने भी मंच के शुद्धिकरण को सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में इस तरह की घटनाओं पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन उत्तराखंड में कार्रवाई के बजाय बयानबाजी हो रही है।

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने भी आरोप लगाया कि शिकायतें दिए जाने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं होती है तो यह गंभीर विषय होगा। कांग्रेस ने प्रदेश के विभिन्न थानों में शिकायतें देने की बात कही है।

क्या था पूरा विवाद?

8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन की ओर से उस मंच का कथित शुद्धिकरण किया गया, जहां से खड़गे ने भाषण दिया था।

न्यास की ओर से तर्क दिया गया था कि रामलीला मैदान सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन से जुड़ा स्थान है और कांग्रेस के कार्यक्रम में कथित तौर पर ऐसे नारे लगाए गए जो वहां की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे। इसी आधार पर मंच का शुद्धिकरण करने की बात कही गई।

कांग्रेस ने इस घटना को दलित नेता के अपमान और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ दिया, जबकि भाजपा ने इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा और कार्यक्रम के दौरान कथित नारों से जोड़कर अपना पक्ष रखा। इसी मुद्दे ने अब राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

व्यापारियों से संवाद, निवेश और रोजगार पर CM का जोर
इसी दौरान हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल बनाने, निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में 29 हजार से अधिक नई MSME इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

व्यापारियों ने GST प्रक्रियाओं को सरल करने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं तथा स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ की व्यवस्था भी की गई है।

स्टार्टअप और स्थानीय उत्पादों पर सरकार का फोकस

सीएम धामी ने युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि पर्वतीय क्षेत्र का युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और ‘मेड इन उत्तराखंड’ को मजबूत ब्रांड बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय में शुरू हुआ शैक्षणिक सत्र

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र भी शुरू हुआ। यह विश्वविद्यालय हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के समीप बनाया गया है।

करीब 32 हेक्टेयर भूमि में विकसित किए जा रहे परिसर में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और खेल विज्ञान से जुड़ी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की योजना है। पहले चरण के निर्माण कार्यों के लिए 43.50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

खेल विश्वविद्यालय के संचालन के लिए कुलपति समेत 94 नियमित पदों को मंजूरी दी गई है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि का DBT के माध्यम से वितरण, छात्रवृत्ति और वर्ष 2024-25 के ‘देवभूमि खेल रत्न’ तथा ‘देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान भी किया गया।

इस बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसे खेलों की कोचिंग और प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिनमें प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़ाकर ओलंपिक पोडियम तक पहुंचाने का है।

कुल मिलाकर हल्द्वानी में एक ओर शुद्धिकरण विवाद ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर व्यापार, निवेश, रोजगार और खेल विश्वविद्यालय जैसे मुद्दों के जरिए सरकार विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी है।

आने वाले दिनों में शुद्धिकरण मामले में पुलिस कार्रवाई होती है या नहीं, यह इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय करने वाला अहम मुद्दा बन सकता है।