बिग ब्रेकिंग: हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट रद्द, 13 हजार उम्मीदवारों को फिर देना होगा एग्जाम

हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट रद्द, 13 हजार उम्मीदवारों को फिर देना होगा एग्जाम

छत्रपति संभाजीनगर। बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्लर्क पद के लिए 16 अगस्त 2026 को आयोजित टाइपिंग टेस्ट को रद्द कर दिया है। परीक्षा के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों और उम्मीदवारों से मिली बड़ी संख्या में शिकायतों के बाद कोर्ट प्रशासन ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया।

अब क्लर्क पद के लिए नए सिरे से टाइपिंग टेस्ट आयोजित किया जाएगा। नई परीक्षा की तारीख, समय और स्थान की घोषणा अलग से की जाएगी।

16 अगस्त को आयोजित टाइपिंग टेस्ट के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई थी। अभ्यर्थियों ने पुराने कंप्यूटर सिस्टम, खराब की-बोर्ड और टाइप किए गए जवाबों के सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं होने जैसी तकनीकी समस्याओं की शिकायत की।

कई उम्मीदवारों का आरोप था कि परीक्षा के दौरान आई तकनीकी दिक्कतों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।
परीक्षा के बाद राज्यभर से शिकायतें सामने आने लगीं और उम्मीदवारों ने टाइपिंग टेस्ट दोबारा आयोजित करने की मांग शुरू कर दी। इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुआ।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रमुख अभिजीत दिपके भी उम्मीदवारों के आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि परीक्षा रद्द नहीं की गई तो संभाजीनगर में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इसके बाद शनिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट प्रशासन की ओर से परीक्षा रद्द करने की औपचारिक सूचना जारी कर दी गई। आधिकारिक आदेश में परीक्षा रद्द करने के पीछे प्राप्त शिकायतों को प्रमुख कारण बताया गया है।

कोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अब नया टाइपिंग टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

13 हजार उम्मीदवार थे पात्र

बॉम्बे हाई कोर्ट और बेंच क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट के लिए पूरे महाराष्ट्र से करीब 13 हजार उम्मीदवार पात्र थे। इनमें छत्रपति संभाजीनगर जिले के लगभग 2,900 उम्मीदवार शामिल थे। शहर में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर करीब 500 अभ्यर्थियों के शामिल होने की योजना थी।

हालांकि, परीक्षा शुरू होने के बाद कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं के चलते हालात बिगड़ गए। उम्मीदवारों को कंप्यूटर और की-बोर्ड से जुड़ी परेशानियों के अलावा जवाब रिकॉर्ड होने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन समस्याओं को लेकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

उम्मीदवारों ने यह भी दावा किया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के फेल होने के कारण परीक्षा की व्यवस्था और परिणाम को लेकर संदेह पैदा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जजों ने कुछ परीक्षा केंद्रों का दौरा भी किया और वहां की स्थिति को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए।

पहले भी परिणाम में देरी पर उठे थे सवाल

क्लर्क भर्ती प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवार पहले से ही नाराज थे। भर्ती परीक्षा का पहला चरण यानी लिखित परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को आयोजित किया गया था।

अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के परिणाम जारी करने में हुई देरी को लेकर भी शिकायत की थी। इसके बाद 16 अगस्त को आयोजित टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी अव्यवस्था ने उम्मीदवारों की नाराजगी और बढ़ा दी।

अब हाई कोर्ट द्वारा टाइपिंग टेस्ट रद्द किए जाने के बाद उन सभी उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देनी होगी, जिन्होंने 16 अगस्त को टेस्ट दिया था। हालांकि, नई परीक्षा की तारीख, समय और केंद्रों की जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।

उम्मीदवार अक्षय पाटिल ने कहा कि तकनीकी समस्याओं और प्राप्त शिकायतों के आधार पर हाई कोर्ट ने टाइपिंग टेस्ट रद्द करने का नोटिस जारी किया है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि नई परीक्षा में तकनीकी व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा और सभी उम्मीदवारों को समान एवं निष्पक्ष अवसर मिलेगा।

फिलहाल उम्मीदवारों की नजर अब हाई कोर्ट प्रशासन की अगली सूचना पर है। नई टाइपिंग परीक्षा का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोबारा परीक्षा कब और किन केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।