धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसलें। आप भी पढ़ें….
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्य की सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को राष्ट्रीय सहकारी नीति-2026 के अनुरूप मंजूरी देने के साथ ही परिवहन कराधान व्यवस्था में भी अहम बदलावों पर मुहर लगाई।
बैठक में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी गई। इसके तहत CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया गया है, जबकि हाइब्रिड वाहनों को अब तक दी जा रही राहत वापस लेने पर सहमति बनी है। साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड की नई EV नीति तैयार की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकी संवर्ग को मंजूरी दी गई। इसके अलावा दवाओं और सर्जिकल सामग्री की खरीद को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को हरी झंडी दी गई है।
इस कॉरपोरेशन की अगुवाई मुख्य सचिव करेंगे। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
कैबिनेट ने कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने के साथ ही उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को भी स्वीकृति दी। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई।
एक अन्य फैसले में उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दूसरे विभागों में समायोजित करने पर सहमति बनी। वहीं देहरादून में रिस्पना नदी किनारे काठबंगला क्षेत्र के 116 आवासों में रहने वाले मलिन बस्तीवासियों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब राज्य सरकार वहन करेगी।
बैठक में शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। अंत्योदय फाउंडेशन को स्टांप ड्यूटी में छूट देने का फैसला भी कैबिनेट ने किया।
कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में परिवहन क्षेत्र से जुड़ा निर्णय खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CNG वाहनों को ग्रीन सेस में राहत जारी रखने और हाइब्रिड वाहनों से छूट वापस लेने के फैसले के साथ राज्य सरकार अब नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ेगी।


