अपराध पर बड़ा एक्शन! नशे की दवाओं से डकैती तक शिकंजा, सड़क हादसे और भूस्खलन ने बढ़ाई चिंता

अपराध पर बड़ा एक्शन! नशे की दवाओं से डकैती तक शिकंजा, सड़क हादसे और भूस्खलन ने बढ़ाई चिंता

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को अपराध, नशे के अवैध कारोबार और सड़क हादसों के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के साथ मौसम की मार भी देखने को मिली।

देहरादून में STF ने मेडिकल स्टोर से व्यवसायिक मात्रा में नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाइयां बरामद कर स्टोर सील कर दिया। नैनीताल में छह आरोपियों को छह महीने के लिए जिलाबदर किया गया, जबकि गोरापड़ाव में करीब आठ लाख रुपये की डकैती का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दूसरी ओर बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण में निलंबित बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की पत्नी ने जांच समिति के सामने गंभीर आरोप लगाकर मामले को नया मोड़ दे दिया है।

हल्द्वानी में संदिग्ध जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया गया, वहीं देहरादून के राजपुर में सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। मसूरी-देहरादून मार्ग पर भूस्खलन से यातायात बाधित रहा।

मेडिकल स्टोर से नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाइयां बरामद

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ उत्तराखंड STF की एएनटीएफ कुमाऊं यूनिट और औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने नैनीताल जिले के मुखानी रोड स्थित जय श्री श्याम मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर व्यवसायिक मात्रा में नशीले इंजेक्शन और नशे में प्रयोग की जाने वाली प्रतिबंधित दवाइयां बरामद कीं।

कार्रवाई के बाद औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर को अग्रिम कार्रवाई तक सील कर दिया। मौके पर मेडिकल स्टोर संचालक कपिल सिंह और मेडिकल स्टोर स्वामी के पति राहुल वार्ष्णेय मौजूद मिले। दोनों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई है।

STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाइयों और नशीले इंजेक्शनों की आपूर्ति कहां से हुई और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।

बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण में नया मोड़, पत्नी ने उठाए बरामदगी पर सवाल

बदरीनाथ धाम के चढ़ावे और भेंट सामग्री में कथित हेराफेरी का मामला करीब डेढ़ महीने बाद फिर सुर्खियों में है। निलंबित एवं गिरफ्तार बीकेटीसी कार्मिक प्रमोद नौटियाल की पत्नी मीतू नौटियाल ने 21 अगस्त को गढ़वाल मंडल आयुक्त एवं जांच समिति के अध्यक्ष के समक्ष लिखित बयान दिया है।

उन्होंने अपने पति को षड्यंत्र के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए कथित बरामदगी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि बदरीनाथ स्थित नीलकंठ धर्मशाला का कमरा प्रमोद 5 जुलाई को छोड़ चुके थे और तलाशी के समय वह कमरा सील नहीं था। उन्होंने जांच समिति से रजिस्टर की जांच कराने की मांग की है।

मीतू नौटियाल ने यह भी आरोप लगाया कि घर की पूजा से शालिग्राम शिला लेकर बाद में उसे प्रमोद से बरामद दिखाया गया। हालांकि ये सभी आरोप उनके लिखित बयान में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच प्रक्रिया में होनी बाकी है।

मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां

पुलिस के अनुसार 2 जुलाई की CCTV फुटेज के आधार पर प्रमोद नौटियाल पर मंदिर की गणना स्थल से नकदी और भेंट सामग्री ले जाने का आरोप लगा। 12 जुलाई को उन्हें देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान और सुरक्षा गार्ड मनोज कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। इससे मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब मंदिर की गणना व्यवस्था, CCTV फुटेज, बरामदगी और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

नैनीताल में छह आरोपी छह महीने के लिए जिलाबदर

नैनीताल जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए गुंडा नियंत्रण कानून के तहत छह आरोपियों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने के आदेश दिए हैं।

प्रशासन के अनुसार इनमें बनभूलपुरा और काठगोदाम क्षेत्र के ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ नशे, चोरी, अवैध हथियार और जुआ जैसे मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

जिलाबदर किए गए आरोपियों में आसिफ, इरफान उर्फ शक्ति, अरशद अली, शाहनवाज, राहुल बिष्ट उर्फ राहुल थापा सहित अन्य शामिल हैं।

वहीं कुछ मामलों में आरोपियों के पहले से जेल में होने या पर्याप्त आधार नहीं मिलने पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त भी की गई है।

गोरापड़ाव डकैती का खुलासा, दो गिरफ्तार

हल्द्वानी के गोरापड़ाव में 19 अगस्त को हथियारों के बल पर हुई करीब 8 लाख रुपये की डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित करीब 40 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखबीर सिंह को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 66 हजार रुपये नकद, एक पिस्टल, एक तमंचा और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने गोरापड़ाव स्थित एक ऑफिस/गैरेज में धावा बोलकर करीब आठ लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन और सोने की चेन-अंगूठियां लूट ली थीं। CCTV, सर्विलांस और साइबर जांच के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार वारदात की साजिश में अन्य लोग भी शामिल हैं और उनकी तलाश जारी है।

संदिग्ध जाति प्रमाणपत्र निरस्त, प्रशासन ने दिए जब्ती के निर्देश

हल्द्वानी में सरकारी नियुक्ति के लिए कथित तौर पर संदिग्ध जाति प्रमाणपत्र इस्तेमाल किए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की संस्तुति के बाद होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. मनीषा कायथ का

हल्द्वानी तहसील से जारी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। जांच में सामने आया कि उनका मूल निवास हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में है और वहां उन्हें अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र जारी हुआ था। विवाह के बाद वर्ष 2014 में हल्द्वानी तहसील से दूसरा SC प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आया।

कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट और उत्तराखंड हाईकोर्ट के संबंधित फैसलों का परीक्षण करने के बाद प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति की। जिलाधिकारी ने तहसीलदार हल्द्वानी को प्रमाणपत्र जब्त करने के निर्देश दिए हैं।

राजपुर में देर रात सड़क हादसा, महिला की मौत

देहरादून के राजपुर क्षेत्र में कैनाल रोड पर देर रात हुए सड़क हादसे में 26 वर्षीय नैना राजपूत की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला घायल है।

पुलिस के अनुसार रात करीब 12:45 बजे सूचना मिली कि एक कार ने सड़क किनारे खड़ी स्कूटी और मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार चालक सुमित यादव और उसके साथी हाशिम को हिरासत में लिया।

घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान नैना राजपूत की मौत हो गई। दूसरी घायल महिला का दून अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पुलिस के मुताबिक कार चालक ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि काठबंगला से कैनाल रोड की ओर आते समय कार के ब्रेक नहीं लगे, जिसके कारण वाहन सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकरा गया। पुलिस ने कार कब्जे में लेकर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मसूरी-देहरादून मार्ग पर भूस्खलन, यातायात प्रभावित

उधर, लगातार बारिश के बीच मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास भूस्खलन से यातायात बाधित हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के साथ सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।

पानी वाला बैंड लंबे समय से भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से विशेषज्ञों की मदद से पहाड़ी और सड़क का स्थायी उपचार कराने की मांग की है।

एक तरफ अपराध और नशे के नेटवर्क पर पुलिस-प्रशासन का शिकंजा कसता दिख रहा है, तो दूसरी तरफ बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण में सामने आए नए आरोपों ने जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं बारिश और भूस्खलन ने पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात और सुरक्षा की चुनौती एक बार फिर बढ़ा दी है।