उत्तराखंड की तीन बड़ी खबरें। हाईवे धंसा, बेरोजगारों ने घेरा मंत्री आवास, टनल घायलों से मिले मदन कौशिक
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश के बीच सड़क धंसने, टनल हादसे और बेरोजगारों के आंदोलन से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। चमोली में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैठाणा के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से एक ट्रक फंस गया।
वहीं पीपलकोटी टीएचडीसी टनल हादसे में घायल श्रमिकों के उपचार की स्थिति जानने के लिए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। दूसरी ओर देहरादून में नियुक्ति की मांग को लेकर बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
मैठाणा में फिर धंसी सड़क, करोड़ों के उपचार पर उठे सवाल
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैठाणा के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा दोबारा धंस गया। सड़क धंसने के कारण एक ट्रक मौके पर फंस गया और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हाईवे के इस संवेदनशील हिस्से में बार-बार हो रहे भू-धंसाव ने यात्रियों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस स्थान पर सड़क धंसी है, वहां पहले भी सड़क के उपचार और मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद दोबारा सड़क धंसने से पूर्व में किए गए कार्यों की गुणवत्ता और स्थायित्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर बरसात में इस हिस्से की स्थिति बिगड़ जाती है और स्थायी समाधान के बजाय मरम्मत तक ही काम सीमित रह जाता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है और साथ ही मानसून की बारिश भी हो रही है। ऐसे समय में राष्ट्रीय राजमार्ग का इस तरह धंसना बेहद चिंताजनक है।
उनका कहना है कि सड़क धंसने की घटना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए संवेदनशील हिस्से का जल्द से जल्द स्थायी ट्रीटमेंट किया जाना चाहिए।
लोगों ने संबंधित विभाग से मौके का स्थलीय निरीक्षण कर भू-धंसाव के वास्तविक कारणों की जांच कराने के साथ ही पूर्व में किए गए कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच की मांग की है। साथ ही बारिश के दौरान संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने और समय रहते प्रभावी कदम उठाने की मांग उठाई है।
नियुक्ति की मांग को लेकर बीपीएड बेरोजगारों का प्रदर्शन
देहरादून में बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास का घेराव करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परेड ग्राउंड के पास कनक चौक पर ही रोक दिया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रविवार सुबह बड़ी संख्या में प्रशिक्षित बेरोजगार परेड ग्राउंड के पास एकत्रित हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कनक चौक की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय ले जाकर छोड़ दिया गया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडे ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि बीपीएड प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कई बेरोजगार अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी पार हो चुकी है, लेकिन अब तक नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों की ओर से समय-समय पर नियुक्ति का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रशिक्षित बेरोजगार पिछले 75 दिनों से शिक्षा निदेशालय के बाहर धरने पर बैठे हैं, जबकि 58 दिनों से क्रमिक अनशन भी जारी है।
संघ की प्रमुख मांगों में प्राथमिक से इंटरमीडिएट स्तर तक शारीरिक शिक्षा शिक्षक की नियुक्ति, राजकीय इंटर कॉलेजों में शारीरिक शिक्षा के प्रवक्ता पद का सृजन, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक के पद से संबंधित फाइल संख्या 77006 को वित्त विभाग से मंजूरी दिलाकर कैबिनेट में पास कराना और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को आयु सीमा में छूट देना शामिल है।
पीपलकोटी टनल हादसा: 11 घायल श्रमिक अस्पताल में भर्ती
चमोली के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद अब प्रशासन का फोकस घायल श्रमिकों के उपचार पर है। शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और हादसे में घायल श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
मंत्री ने चिकित्सकों से घायलों की स्वास्थ्य स्थिति और अब तक दिए गए उपचार की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मदन कौशिक ने बताया कि जिला अस्पताल गोपेश्वर में फिलहाल 11 श्रमिक उपचाराधीन हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और उपचार के लिए आवश्यक संसाधनों की कोई कमी न होने दी जाए।
सरकार की प्राथमिकता घायल श्रमिकों को जल्द स्वस्थ कर सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाना है। टनल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान के साथ ही अब घायलों के उपचार की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, भाजपा महामंत्री विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव पाल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


