अपराध: नदी में मौत, टनल में जिंदगी की तलाश और सड़कों पर हादसे। उत्तराखंड में रविवार की 8 बड़ी खबरें, पढ़ें….

नदी में मौत, टनल में जिंदगी की तलाश और सड़कों पर हादसे। उत्तराखंड में रविवार की 8 बड़ी खबरें, पढ़ें….

देहरादून। उत्तराखंड में रविवार को हादसों, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपराधिक घटनाओं से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आईं। देहरादून के सहस्रधारा में नदी के तेज बहाव में बहने से हरियाणा की 28 वर्षीय युवती की मौत हो गई।

वहीं पीपलकोटी की निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल हादसे में 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि आठ श्रमिकों की मौत और दो के अब भी लापता होने की जानकारी है। हादसे को लेकर कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इसके अलावा हरिद्वार में आश्रय गृह से आठ वर्षीय बच्ची लापता हो गई, काशीपुर में हाइड्रा की चपेट में आने से महिला की मौत हुई और रुद्रपुर में हथियार लहराते जुलूस का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

देहरादून में पैसों के विवाद में दो युवकों पर तलवार से जानलेवा हमला हुआ, जबकि त्यूणी में पिकअप खाई में गिरने से एक व्यक्ति की मौत और एक घायल हुआ। उधर, रामनगर में पुलिस और वांटेड बदमाश के बीच मुठभेड़ में आरोपी पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया।

सहस्रधारा में नदी में बहकर युवती की मौत

देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में शनिवार को नदी के तेज बहाव में बहने से हरियाणा की 28 वर्षीय युवती की मौत हो गई। बताया गया कि युवती नदी किनारे फोटो खिंचवा रही थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव की चपेट में आ गई।

सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नदी के किनारे और बहाव वाले क्षेत्र में युवती की तलाश शुरू की गई।

काफी खोजबीन के बाद युवती सहस्रधारा के समीप नदी के बहाव वाले हिस्से में मिली। संयुक्त प्रयास से उसे बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में एंबुलेंस से कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान नेहा आर्य (28), निवासी गांधी कॉलोनी, रेलवे स्टेशन के पास, कोतवाली नगर, पानीपत, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पीपलकोटी टनल हादसा: 8 की मौत, 2 अब भी लापता

चमोली की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के करीब 60 घंटे बाद भी रेस्क्यू अभियान जारी है। टनल में काम कर रहे 22 लोगों में से 12 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है और दो अब भी लापता हैं।

हादसे के बाद टनल की सुरक्षा व्यवस्था और कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। टनल में काम कर चुके कुछ युवकों का दावा है कि हादसे से दो-तीन दिन पहले पानी का रिसाव अचानक बढ़ गया था।

उनका कहना है कि गंदा पानी भी अंदर आने लगा था और इसकी जानकारी कंपनी के कर्मचारियों को दी गई थी, लेकिन कथित तौर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

कामगारों के मुताबिक 13 अगस्त की शाम अचानक पानी और हवा का दबाव बेहद तेज हो गया। कुछ ही मिनटों में पानी और मलबे के तेज बहाव ने टनल का एक हिस्सा ब्लॉक कर दिया। हालांकि पानी और मलबा वास्तव में कहां से आया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल रेस्क्यू अभियान एक ही तरफ से चलाया जा रहा है। टनल के भीतर लगातार पानी मौजूद होने के कारण सात डिवाटरिंग पंप लगाए गए हैं। पानी के साथ आया मलबा कई स्थानों पर दलदल में बदल गया है। THDC, HCC, NDRF, SDRF, CISF और जिला प्रशासन की करीब 125 सदस्यीय टीम दो शिफ्ट में रेस्क्यू अभियान में जुटी है।

मजदूरों ने मांगा एक करोड़ रुपये मुआवजा

पीपलकोटी टनल हादसे के बाद शनिवार को THDC में काम करने वाले मजदूरों ने आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के काफिले को रोककर विरोध जताया। मजदूरों ने मृत श्रमिकों के परिवारों को कंपनी और सरकार की ओर से कम से कम एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।

इसके साथ ही मृतकों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार और कंपनी द्वारा उठाने तथा घायल श्रमिकों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की गई। पुलिस और CISF के जवान मौके पर पहुंचे।

मंत्री मदन कौशिक ने मजदूरों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। सरकार पहले ही मृतकों के परिजनों के लिए चार लाख रुपये मुआवजे की घोषणा कर चुकी है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच भी की जा रही है। जांच में पानी के बढ़ते रिसाव, कंपनी को इसकी जानकारी मिलने, सुरक्षा इंतजाम और पानी-मलबे के अचानक आने के कारणों समेत तमाम पहलुओं की पड़ताल अहम होगी।

हरिद्वार में आश्रय गृह से आठ वर्षीय बच्ची लापता

हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित आश्रय गृह से आठ वर्षीय बच्ची के लापता होने का मामला सामने आया है। बच्ची 15 अगस्त को आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान मौका पाकर आश्रय गृह से बाहर निकल गई।

बताया गया कि बच्ची को बाल कल्याण समिति हरिद्वार के आदेश पर 13 अगस्त को आश्रय गृह में लाया गया था। कार्यक्रम के दौरान बच्चे प्रस्तुतियां दे रहे थे। इसी दौरान बच्ची बाहर निकल गई।

कर्मचारियों ने आसपास के क्षेत्रों के अलावा ज्वालापुर और हरिद्वार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हरकी पैड़ी समेत कई स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला।

आश्रय गृह की अधीक्षिका शिवानी गोयल की शिकायत पर ज्वालापुर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज की गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बच्ची की तलाश में जुटी है।

काशीपुर में हाइड्रा की चपेट में आने से महिला की मौत

उधमसिंह नगर के काशीपुर के टांडा उज्जैन क्षेत्र में रविवार सुबह मंदिर से पूजा कर घर लौट रही 52 वर्षीय राज कुमारी यादव को हाइड्रा क्रेन ने टक्कर मार दी। महिला सड़क पार कर अपने घर जा रही थीं, तभी सामने से आ रही हाइड्रा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

गंभीर रूप से घायल महिला को 108 एंबुलेंस से राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने हाइड्रा क्रेन को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

रुद्रपुर में हथियार लहराते जुलूस का वीडियो वायरल

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के श्याम टॉकीज इलाके में निकाले गए एक जुलूस का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। वीडियो में डीजे के पीछे चल रहे कुछ युवकों के हाथों में तलवार और अन्य धारदार हथियार दिखाई दे रहे हैं।

बताया गया कि जुलूस करीब एक घंटे तक क्षेत्र में चलता रहा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। क्षेत्राधिकारी विभव सैनी के निर्देश पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जुलूस किसकी अनुमति से निकाला गया था और हथियार लेकर चलने वाले युवकों की पहचान कौन-कौन है। वीडियो और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

देहरादून में पैसों के विवाद में दो युवकों पर तलवार से हमला

देहरादून के पार्क रोड इलाके में पैसों के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद के बाद दो भाइयों पर तलवार और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया। घटना में ऋतिक मेहता और कार्तिक मेहता गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

शिकायत के अनुसार 13 अगस्त की रात दोनों भाइयों को पैसों के हिसाब-किताब के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि वहां जसप्रीत सिंह, हरदयाल सिंह और वंश राठी ने दोनों पर तलवार से हमला कर दिया।

हमले में कार्तिक का हाथ करीब 90 प्रतिशत तक शरीर से अलग हो गया, जबकि ऋतिक की कोहनी बुरी तरह टूट गई और हाथ भी कट गया। दोनों को पहले दून अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया। बाद में दोनों को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

त्यूणी में 150 मीटर खाई में गिरी पिकअप, एक की मौत

देहरादून जिले के विकासनगर-त्यूणी क्षेत्र में रविवार सुबह एक पिकअप वाहन करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ।

मृतक की पहचान खजान दास (40), निवासी सुनकुंडी, मोरी, उत्तरकाशी के रूप में हुई है। घायल रविन लाल (34), निवासी सूचानु, मोरी को त्यूणी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया।

हादसे में एक नया पेच तब सामने आया जब वाहन मालिक ने पुलिस को बताया कि मृतक और घायल में से कोई भी वाहन चालक नहीं था। वहीं वाहन चालक का मोबाइल फोन बंद आ रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था।

गंगनहर में बह रहे बुजुर्ग को SDRF ने बचाया

हरिद्वार में SDRF की टीम ने गंगनहर के तेज बहाव में बह रहे करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बहादराबाद पुलिस से सूचना मिलने के बाद SDRF टीम मौके पर पहुंची।

तब तक बुजुर्ग बहकर पथरी पावर हाउस क्षेत्र तक पहुंच चुके थे और बैराज में फंस गए थे। जवानों ने तेज बहाव के बीच रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला। लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने के कारण उनकी हालत नाजुक थी।

SDRF ने मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। फिलहाल बुजुर्ग की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी पहचान कराने के प्रयास में जुटी है।

रामनगर में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

नैनीताल के रामनगर में देर रात पुलिस और वांटेड बदमाश चंदन सागर के बीच मुठभेड़ हो गई। मालधन के 64 नंबर गेट के जंगल में पुलिस दबिश के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर कई राउंड फायरिंग की।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चंदन सागर के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक गोली पैर के आर-पार निकल गई थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब मुठभेड़ और आरोपी से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है।

कुल मिलाकर, मानसून के बीच उत्तराखंड में एक ही दिन में हादसों, रेस्क्यू ऑपरेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई मामले सामने आए। सहस्रधारा में नदी का तेज बहाव एक पर्यटक की जान ले गया तो पीपलकोटी टनल में दो मजदूरों की तलाश अभी जारी है।

वहीं सड़क हादसों और आपराधिक घटनाओं ने भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को नदी-नालों तथा अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रखने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।