तिरंगा, राष्ट्रगान और बड़े संकल्प! उत्तराखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर धामी के कई बड़े ऐलान
देहरादून। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को उत्तराखंड समेत पूरे देश में आजादी का जश्न उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया।
वहीं पुलिस मुख्यालय, केदारनाथ धाम, कांग्रेस मुख्यालय समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी तिरंगा फहराया गया। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास का संकल्प लिया गया।
सीएम धामी ने युवाओं और सैनिक परिवारों के लिए की बड़ी घोषणाएं
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने राज्य में पहली बार युवा आयोग गठित करने का ऐलान किया। इसका उद्देश्य युवाओं की नीति निर्धारण में भागीदारी बढ़ाना और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना होगा।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
18 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं के कौशल विकास के लिए बड़े संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की योजना भी घोषित की गई। युवाओं के उद्यम शुरू करने पर बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की गई है।
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य में पहली बार स्पोर्ट्स प्लान तैयार करने और आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना भी सामने रखी गई। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा के जरिए रोजगार और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए भी मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। सीमा पर बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।
परमवीर चक्र विजेताओं के परिजनों के लिए यह राशि 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने की घोषणा हुई। शहीद के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया गया।
पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों को 25 लाख रुपये तक की जमीन खरीद पर 25 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट देने की घोषणा की गई।
इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक स्पिरिचुअल जोन विकसित करने, वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के विनियमितीकरण की समय सीमा बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणा की गई।
पुलिस मुख्यालय में DGP दीपम सेठ ने फहराया तिरंगा
देहरादून स्थित उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुआ। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ध्वजारोहण कर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 156 पुलिसकर्मियों को
डीजीपी प्रशस्ति डिस्क गोल्ड, सिल्वर और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। डीजीपी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के त्याग के कारण देश आज स्वतंत्र राष्ट्र है। राष्ट्र की एकता और अखंडता, संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था संभालने के साथ साइबर अपराध प्रबंधन, पासपोर्ट सत्यापन और आपदा रेस्क्यू के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
पिछले एक वर्ष में 950 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति दिए जाने की जानकारी भी दी गई।
केदारनाथ धाम में आस्था के साथ राष्ट्रभक्ति का संगम
रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से करीब 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में भी स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
बारिश और कोहरे के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन के साथ हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयकारे लगाए। ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगान हुआ और पूरा धाम देशभक्ति के रंग में नजर आया।
रुद्रप्रयाग जिला कार्यालय में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित रुद्रप्रयाग बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
कांग्रेस मुख्यालय में हरक सिंह रावत ने फहराया तिरंगा
देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने सुबह 9:15 बजे ध्वजारोहण किया।
हरक सिंह रावत ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह उन महान विभूतियों के सपनों के भारत और उत्तराखंड का निर्माण करे। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और देश के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
जजरेड़ भूस्खलन को लेकर विकासनगर में धरना
स्वतंत्रता दिवस के बीच विकासनगर में कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड़ भूस्खलन की समस्या को लेकर धरना भी दिया गया। भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के नेतृत्व में लोगों ने सड़क किनारे प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र तहसील प्रशासन को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जजरेड़ पहाड़ी का भूस्खलन लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। बारिश के दौरान मलबा और बोल्डर सड़क पर आने से मार्ग बाधित हो जाता है, जिससे मरीजों और किसानों को परेशानी होती है।
प्रदर्शनकारियों ने मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने संबंधी शासनादेश 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की है।
रामोजी फिल्म सिटी में भी तिरंगे को सलामी
हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी में भी 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। फिल्म सिटी की मैनेजिंग डायरेक्टर चेरुकुरी विजयेश्वरी ने ध्वजारोहण किया और सिक्योरिटी स्टाफ के साथ तिरंगे को सलामी दी। समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ।
ETV के डायरेक्टर सुजय, रामोजी ग्रुप के प्रेसिडेंट ए. गोपाल राव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्टाफ समारोह में शामिल हुए। रामोजी फिल्म सिटी देश-दुनिया के पर्यटकों के बीच अपने विशाल फिल्म सेट और शूटिंग लोकेशन के लिए प्रसिद्ध है।
दिल्ली का पार्टिशन म्यूजियम याद दिलाता है आजादी के साथ बंटवारे का दर्द
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली का पार्टिशन म्यूजियम 1947 के विभाजन की त्रासदी की याद दिलाता है। संग्रहालय की संस्थापक और चेयरपर्सन लेडी किश्वर देसाई के मुताबिक, संग्रहालय में उन परिवारों की कहानियां, तस्वीरें, चिट्ठियां, दस्तावेज और रोजमर्रा की वस्तुएं संरक्षित हैं, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपना घर-बार खो दिया।
विभाजन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 1.2 करोड़ से अधिक लोगों के विस्थापित होने का अनुमान है। दिल्ली पर भी इसका गहरा असर पड़ा और बड़ी संख्या में शरणार्थी यहां पहुंचे। राजेंद्र नगर, पटेल नगर, लाजपत नगर और तिलक नगर जैसी कई बस्तियों के विकास में शरणार्थियों के पुनर्वास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा रामदेव ने Gen-Z आंदोलन और सरकारी नौकरियों पर उठाए सवाल
हरिद्वार में योगगुरु बाबा रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पतंजलि योगपीठ में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने देश में चल रहे Gen-Z आंदोलनों और सरकारी नौकरियों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को दूर करने की जरूरत है। बाबा रामदेव ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं होती हैं।
उन्होंने व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए, हालांकि आंदोलन के नाम पर अराजकता को उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक तिरंगे की शान, शहीदों की याद, युवाओं के भविष्य की घोषणाएं और देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर मंथन इन सभी रंगों की तस्वीर देखने को मिली।


