कहीं मौत, कहीं गिरफ्तारी और कहीं नई जांच एजेंसी की एंट्री, एक क्लिक में पढ़ें 5 बड़ी खबरें….
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार का दिन कई बड़े घटनाक्रमों का गवाह रहा। नैनीताल के मुक्तेश्वर में पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 19 यात्री घायल हो गए।
वहीं देहरादून में पुलिस ने कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में रह रही बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है। टिहरी के चर्चित दलित किशोर हत्याकांड की जांच अब CBCID को सौंपने पर शासन ने सहमति दे दी है।
दूसरी ओर, उत्तरकाशी में भालू के हमले से युवक घायल हुआ तो अल्मोड़ा कैंट क्षेत्र में तेंदुए की चहलकदमी से दहशत बनी हुई है। इसी बीच मेरठ रोड स्थित इस्पात निर्माण कंपनी में BIS की छापेमारी में गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन पर उत्पाद जब्त किए गए।
मुक्तेश्वर हादसे में तीन की मौत, 19 घायल
नैनीताल जिले के भवाली-मुक्तेश्वर मार्ग पर मल्ला रामगढ़ के पास शुक्रवार को पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। वाहन में चालक समेत 22 लोग सवार थे। हादसे में फरीदाबाद निवासी सुमित पाल सिंह (24), अभिषेक (26) और प्रदीप (26) की मौत हो गई, जबकि 19 यात्री घायल हुए हैं।
बताया गया कि टेंपो ट्रैवलर दिल्ली, फरीदाबाद और हरियाणा से पर्यटकों को लेकर मुक्तेश्वर जा रहा था। लक्ष्मीखान तिराहे से आगे चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और तेज रफ्तार वाहन पैराफिट तोड़ते हुए खाई में जा गिरा। हालांकि, वाहन नीचे पेड़ों में अटक गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया और 19 लोगों की जान बच गई।
सूचना मिलते ही भवाली पुलिस, SDRF, NDRF और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लगातार बारिश और गहरी खाई के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण रहा।
जवानों ने रस्सियों के सहारे घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गंभीर घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने टेंपो ट्रैवलर चालक यश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
देहरादून में बांग्लादेशी महिला हिरासत में
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है, जिसके कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने और वर्ष 2017 में अवैध तरीके से भारत आने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, महिला पंजाबी कॉलोनी, ISBT के पास किराए के मकान में रह रही थी। सत्यापन के दौरान पहचान संबंधी दस्तावेज मांगने पर वह कोई कागज नहीं दिखा सकी।
पूछताछ में उसने अपना नाम हमीदा अख्तर उर्फ हमीदा खान, उम्र 38 वर्ष, निवासी ढाका, बांग्लादेश बताया। पुलिस को उसके मोबाइल से बांग्लादेशी पहचान पत्र और पासपोर्ट की तस्वीरें भी मिलीं।
महिला ने पूछताछ में बताया कि वह 2017 में असम बॉर्डर के रास्ते भारत आई थी और 2018 में दिल्ली निवासी अकरम से निकाह किया। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह पति के साथ देहरादून आई थी, जहां दोनों बुटीक का संचालन कर रहे थे।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि भारत में अवैध रूप से रहने में महिला की किस-किस ने मदद की। मामले में आगे वैधानिक कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक देहरादून जिले में इससे पहले भी 21 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। इनमें 11 के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया, जबकि 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है।
टिहरी दलित किशोर हत्याकांड की CBCID जांच
टिहरी के प्रतापनगर ब्लॉक में दलित किशोर की मौत के चर्चित मामले में अब जांच का जिम्मा CBCID को देने पर शासन ने सहमति दे दी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से 3 अगस्त को शासन को पत्र भेजकर मामले की विवेचना CBCID से कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद शासन ने प्रस्ताव पर सहमति जताई।
अपर सचिव तृप्ति भट्ट की ओर से संबंधित आदेश जारी किया गया है। अब पुलिस मुख्यालय से जांच आख्या प्राप्त होने के बाद CBCID मामले की विवेचना आगे बढ़ाएगी।
मामला 8 जून का है, जब प्रतापनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित किशोर की मौत हो गई थी।
आरोप है कि एक नाबालिग किशोरी के घर में किशोर और उसके दोस्त के साथ मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल किशोर की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। मामले में किशोरी के पिता और दादा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में हाईकोर्ट के निर्देश और नाबालिग की मां की तहरीर के आधार पर किशोर और उसके दोस्त के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में भी मुकदमा दर्ज हुआ।
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी काफी प्रतिक्रिया हुई थी। अब CBCID की नई विवेचना में पहले सामने आए तथ्यों और दोनों पक्षों के आरोपों की दोबारा पड़ताल की जाएगी।
मेरठ रोड की इस्पात कंपनी में BIS की छापेमारी
देहरादून के मेरठ रोड स्थित एक इस्पात निर्माण कंपनी में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की देहरादून शाखा ने 14 अगस्त को छापेमारी की। टीम ने कंपनी में तैयार इस्पात उत्पादों की जांच की और यह पड़ताल की कि अनिवार्य श्रेणी के उत्पाद वैध BIS लाइसेंस के तहत बनाए जा रहे हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान कुछ इस्पात उत्पाद गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन में पाए गए। इसके बाद संबंधित उत्पादों को जब्त कर लिया गया। जब्त उत्पादों की मात्रा और कीमत की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं कराई गई है।
BIS के अनुसार आगे की कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 के तहत की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं और विक्रेताओं से केवल प्रमाणित उत्पादों के इस्तेमाल और बिक्री की अपील की है। उपभोक्ता BIS Care ऐप के माध्यम से मानक चिह्न वाले उत्पादों की प्रमाणिकता जांचने के साथ शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
उत्तरकाशी में भालू का हमला, अल्मोड़ा में तेंदुए की दहशत
उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड के फिताड़ी गांव में शुक्रवार सुबह सेब के बगीचे की ओर जा रहे 24 वर्षीय अनिरुद्ध राणा पर भालू ने हमला कर दिया।
बोसणी तोक के पास झाड़ियों से अचानक निकले भालू ने युवक को घायल कर दिया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाकर भालू को जंगल की ओर भगाया।
घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। विभाग ने पीड़ित को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से भालुओं की सक्रियता बढ़ी है और सेब के बगीचों में काम करने वाले लोगों के बीच डर का माहौल है।
वहीं, अल्मोड़ा के कैंट क्षेत्र में तेंदुए की लगातार चहलकदमी से लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ लगातार क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। शाम के समय लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं, जबकि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की मांग की है।
इन घटनाओं ने एक ही दिन में उत्तराखंड के सामने मौजूद अलग-अलग चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
कहीं पहाड़ी सड़कों पर तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है, तो कहीं अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान का सवाल है।
वहीं चर्चित आपराधिक मामले में नई जांच एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है और पहाड़ों में मानव-वन्यजीव संघर्ष भी लगातार चिंता बढ़ा रहा है। दूसरी ओर, BIS की कार्रवाई ने निर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों और अनिवार्य लाइसेंस के पालन को लेकर सख्ती का संदेश दिया है।


