उत्तराखंड में खौफ का मौसम! कहीं कुत्ते का हमला तो कहीं बाघ की दहशत, सर्पदंश से बुजुर्ग की मौत
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में बारिश के मौसम के बीच वन्यजीवों और जहरीले जीव-जंतुओं की सक्रियता बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कहीं आक्रामक स्ट्रीट डॉग लोगों पर हमला कर रहे हैं तो कहीं जंगल से निकलकर बाघ आबादी और पर्यटक क्षेत्रों के आसपास दस्तक दे रहे हैं।
वहीं, रुड़की में सांप के डसने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। तीन अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रुद्रप्रयाग में स्ट्रीट डॉग का आतंक, 24 लोग घायल
रुद्रप्रयाग और अगस्त्यमुनि नगर क्षेत्र में एक आक्रामक स्ट्रीट डॉग ने अलग-अलग स्थानों पर हमला कर 24 लोगों को घायल कर दिया।
हमले में बच्चों के साथ महिलाएं और पुरुष भी शामिल हैं। कई लोगों के शरीर पर कुत्ते के काटने से गहरे घाव बताए जा रहे हैं। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद दोनों नगर क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।
रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में कुत्ते ने तीन लोगों को काटा, जबकि अगस्त्यमुनि में 21 लोग उसके हमले का शिकार हुए। इतना ही नहीं, कुत्ते ने दूसरे कुत्तों को भी काटा, जिससे उसके असामान्य या संक्रमित होने की आशंका बढ़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही नगर निकाय और प्रशासन सक्रिय हुए। अगस्त्यमुनि नगर पंचायत ने पशुपालन विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से हमलावर कुत्ते को पकड़ लिया। उसे निगरानी में रखा गया है और चिकित्सकों की टीम उसकी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक डॉ. शिवांशु ने लोगों को सलाह दी है कि कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और पर्याप्त साफ पानी से धोएं और बिना देरी किए चिकित्सकीय उपचार लें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार टिटनेस और रेबीज रोधी टीका लगवाना जरूरी है। घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी या किसी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
नगर निकाय अब क्षेत्र में घूम रहे अन्य स्ट्रीट डॉग की पहचान, निगरानी और जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर रहे हैं।
बिनसर में सड़क किनारे दिखा बाघ, वन विभाग अलर्ट
वहीं, अल्मोड़ा के करीब आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बिनसर वन्यजीव अभ्यारण्य में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी सामने आई है। बिनसर घूमने पहुंचे पर्यटकों ने सड़क के आसपास बाघ की चहलकदमी का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बताया गया कि पर्यटकों ने बिनसर टीआरसी से करीब 200 मीटर पहले बाघ को देखा। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और क्विक रिस्पांस टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है।
वन विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से जंगल के आसपास अकेले न जाने तथा अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने की अपील की है। बिनसर में इससे पहले भी दिसंबर 2023 और जून 2024 में बाघ की गतिविधियां कैमरे में कैद हो चुकी हैं।
रुड़की में सफाई करते समय सांप ने डसा, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
उधर, हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में सांप के डसने से 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक फूलमती सोमवार सुबह करीब छह बजे घर में सफाई कर रही थीं। इसी दौरान एक सांप ने उनके हाथ पर डस लिया।
सर्पदंश के बाद महिला ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में भी शोक की लहर है।
बारिश में बढ़ जाता है जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा
बरसात के मौसम में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु अक्सर अपने ठिकानों से बाहर निकल आते हैं। ऐसे में घरों की सफाई, खेतों और जंगल के आसपास काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए, क्योंकि समय पर चिकित्सकीय उपचार और एंटी-वेनम उपचार जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बरसात के मौसम में इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ता संपर्क बड़ी चुनौती बन रहा है।
स्ट्रीट डॉग से लेकर बाघ और जहरीले सांपों तक, लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन, वन विभाग और नगर निकायों को लगातार निगरानी के साथ प्रभावी रोकथाम के उपाय करने की जरूरत है।


