बिग ब्रेकिंग: ज्योलिकोट दूषित पानी मामले में बड़ा एक्शन, 4 मौतों के बाद 6 अभियंता निलंबित

ज्योलिकोट दूषित पानी मामले में बड़ा एक्शन, 4 मौतों के बाद 6 अभियंता निलंबित

देहरादून। नैनीताल जिले के ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति से फैली जल जनित बीमारी के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है।

जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने के बाद उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अभियंता को चेतावनी जारी की गई है।

ज्योलिकोट में दूषित पानी पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के डायरिया और पीलिया जैसी बीमारियों से प्रभावित होने का मामला सामने आया था।

स्थिति गंभीर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू की। इस दौरान क्षेत्र में करीब 400 लोगों के बीमार होने और चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई।

छह अभियंताओं पर गिरी गाज

जांच में सामने आई जिम्मेदारियों के आधार पर उत्तराखंड जल संस्थान के तीन अभियंताओं को निलंबित किया गया है। इनमें हल्द्वानी में प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार, सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत और अपर सहायक अभियंता रवींद्र शामिल हैं।

वहीं, अधिशासी अभियंता अनीश एम पिल्लई को चेतावनी जारी की गई है। पेयजल निगम के भी तीन अभियंताओं पर कार्रवाई हुई है। इनमें कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्य और प्रभारी अधिशासी अभियंता शशि पाल सिंह को निलंबित किया गया है।

नंदकिशोर को मिली नई जिम्मेदारी

कार्रवाई के साथ ही उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी में अधीक्षण अभियंता के पद पर नंदकिशोर को नई जिम्मेदारी दी गई है। वह लालकुआं में अपनी पूर्व जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।

ज्योलिकोट में दूषित पेयजल को लेकर सामने आई इस घटना ने पेयजल व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब छह अभियंताओं के निलंबन के बाद सरकार की ओर से जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई की गई है।