चकराता में BJP के भीतर घमासान! 60 लोगों की ज्वाइनिंग अटकी, खजान दास ने किया विरोध
- एक दिन पहले मंत्री आवास पर प्रदर्शन के बाद अगले दिन प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे लोग, संगठन ने कहा- ज्वाइनिंग की पूर्व सूचना नहीं थी
देहरादून। उत्तराखंड बीजेपी में चकराता विधानसभा क्षेत्र को लेकर चल रही नाराजगी सोमवार को एक बार फिर सामने आ गई।
चकराता क्षेत्र से करीब 60 लोग बीजेपी की सदस्यता लेने के लिए देहरादून स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंचे, लेकिन ज्वाइनिंग कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। आरोप है कि कैबिनेट मंत्री खजान दास के विरोध के बाद कार्यक्रम रोक दिया गया और सभी लोग बिना सदस्यता लिए वापस लौट गए।
चकराता क्षेत्र से आए लोगों को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और दर्जाधारी राज्य मंत्री गीता राम गौड़ के नेतृत्व में बीजेपी प्रदेश कार्यालय लाया गया था। बताया गया कि करीब 26 परिवारों से जुड़े लगभग 60 लोग पार्टी में शामिल होने वाले थे।
ज्वाइनिंग से पहले प्रदेश कार्यालय पहुंचे खजान दास
जानकारी के मुताबिक, जब कैबिनेट मंत्री खजान दास को चकराता से आए लोगों की ज्वाइनिंग की जानकारी मिली तो वह बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रस्तावित ज्वाइनिंग का विरोध किया। इसके बाद सदस्यता कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे एक दिन पहले यानी 20 सितंबर को चकराता क्षेत्र से जुड़े बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खजान दास के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में कथित अनदेखी और लाभार्थियों के चयन को लेकर सवाल उठाए थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और कांग्रेस से जुड़े लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान योजनाओं में 15 से 20 फीसदी तक कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
खजान दास ने आरोपों को बताया था गलत
बीजेपी कार्यकर्ताओं के आरोपों पर समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा था कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में एक प्रतिशत भी सच्चाई साबित होती है तो वह मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि वह पूरे प्रदेश के मंत्री हैं और योजनाओं की स्वीकृति संबंधित क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर की गई है।
अब इसके ठीक अगले दिन चकराता से आए करीब 60 लोगों की बीजेपी में प्रस्तावित ज्वाइनिंग रुकने से पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी फिर चर्चा में आ गई है।
संगठन ने ज्वाइनिंग रुकने की बताई दूसरी वजह
हालांकि, बीजेपी संगठन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को अलग तरीके से बताया गया है। बीजेपी प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार के मुताबिक, प्रदेश कार्यालय में ज्वाइनिंग की पूर्व सूचना संगठन को नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी उस समय कार्यालय में मौजूद नहीं थे, इसलिए कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाया गया।
वहीं, जब खजान दास से लोगों की ज्वाइनिंग नहीं होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूत है और 2027 में भारी बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनेगी।
उन्होंने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार बनने की बात कही। ज्वाइनिंग रोकने के सवाल पर वह ‘मैं तो सस्ता आदमी हूं’ कहकर वहां से चले गए।
फिलहाल चकराता से जुड़े बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी का मामला संगठन के सामने पहुंच चुका है। पार्टी नेता इसे आंतरिक मामला बताते हुए बातचीत के जरिए समाधान की बात कह रहे हैं।
वहीं, प्रस्तावित ज्वाइनिंग टलने के बाद करीब 60 लोगों को बिना सदस्यता लिए वापस लौटना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम ने चकराता विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है।

