PMGSY टेंडर मामले में मुख्य अभियंता दोषी, अंकिता भंडारी केस में 18 अगस्त को जमानत पर सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पीएमजीएसवाई टेंडर से जुड़े अवमानना मामले में मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने का दोषी माना है।
वहीं बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं पर अब 18 अगस्त को सुनवाई होगी।
PMGSY टेंडर मामले में मुख्य अभियंता को अवमानना का दोषी माना
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के एक टेंडर मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने उन्हें न्यायालय के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने का दोषी माना।
मामला मैसर्स जियारा पार्टनरशिप फर्म से जुड़ा है। फर्म ने पीएमजीएसवाई के तहत जारी टेंडर में हिस्सा लिया था, लेकिन उसकी तकनीकी बोली खारिज कर दी गई थी। इसके खिलाफ फर्म ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। बाद में फरवरी 2026 में याचिका स्वीकार करते हुए न्यायालय ने फर्म को टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए थे।
याचिकाकर्ता का आरोप था कि अदालत के आदेश के बावजूद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया। फर्म ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी बोली सबसे कम होने के बावजूद टेंडर किसी अन्य को देने का प्रयास किया जा रहा था।
इसके बाद मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को पक्षकार बनाते हुए अवमानना याचिका दायर की गई।
सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने मुख्य अभियंता के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए और आदेश का पालन करने के लिए दस दिन का समय दिया था। साथ ही अनुपालन नहीं होने पर अगली सुनवाई में सजा सुनाए जाने की चेतावनी दी गई थी।
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। अब जारी आदेश में न्यायालय ने मुख्य अभियंता को आदेश की जानबूझकर अवहेलना का दोषी माना है।
हालांकि, बाद में अदालत के निर्देशों का अनुपालन किए जाने की रिपोर्ट पेश होने के बाद अवमानना याचिका का निस्तारण कर दिया गया और अवमानना नोटिस भी निरस्त कर दिया गया।
अदालत ने अपने आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि न्यायालय के इस निष्कर्ष को मुख्य अभियंता के सेवा अभिलेख में दर्ज किया जा सके।
अंकिता भंडारी हत्याकांड: पुलकित आर्य समेत तीन की जमानत पर 18 अगस्त को सुनवाई
दूसरी ओर, उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट 18 अगस्त को सुनवाई करेगा।
सोमवार को न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष तीनों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से आरोपियों को निर्दोष बताते हुए कहा गया कि उन्हें जबरन मामले में फंसाया गया है।
बचाव पक्ष ने मामले में सामने आए कुछ साक्ष्यों और व्हाट्सएप संदेशों की प्रमाणिकता पर भी सवाल उठाए और इन्हें साजिश का हिस्सा बताया।
तीनों आरोपियों की ओर से अपने बचाव में विभिन्न तथ्य अदालत के सामने रखे गए। अब अगली सुनवाई में 18 अगस्त को अभियोजन और शिकायतकर्ता पक्ष अपना पक्ष रखेंगे।
गौरतलब है कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता भंडारी की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद तीनों ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी अपील पर सुनवाई लंबित है।
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। वह 18 सितंबर 2022 को लापता हुई थीं और छह दिन बाद 24 सितंबर को उनका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था। मामले में पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।


