उत्तराखंड के 17 राजनीतिक दल रजिस्टर्ड सूची से बाहर, 6 नए दलों ने किया आवेदन
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 17 रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को चुनावी दौड़ से बाहर कर दिया है। अब ये दल आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
वहीं, चुनाव आयोग के पास 6 नए राजनीतिक दलों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। दूसरी ओर, खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की जन निर्माण पार्टी का चुनाव आयोग में पंजीकरण भी हो गया है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन 17 दलों पर कार्रवाई की गई है, उन्होंने पिछले छह वर्षों से कोई चुनाव नहीं लड़ा। जांच में यह भी सामने आया कि जिन पतों पर इन दलों का पंजीकरण था, वहां उनका कोई अस्तित्व नहीं मिला। इसके अलावा कई दलों ने वार्षिक रिटर्न, अंशदान रिपोर्ट और आंतरिक चुनाव जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएं भी समय पर पूरी नहीं कीं।
चुनाव आयोग ने इन दलों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और सक्रिय होने के प्रमाण देने का अवसर दिया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजी। इसके आधार पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने इन दलों को रजिस्टर्ड सूची से हटा दिया।
गौरतलब है कि 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में 42 रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल थे। अब 17 दलों के हटने के बाद राज्य की चुनावी तस्वीर में बदलाव देखने को मिलेगा, जबकि नए दलों की एंट्री से 2027 का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।


