क्राइम अपडेट: उत्तराखंड में एक दिन, कई बड़ी घटनाएं। गिरफ्तारी, हादसे, सजा और बवाल से गरमाया प्रदेश

उत्तराखंड में एक दिन, कई बड़ी घटनाएं। गिरफ्तारी, हादसे, सजा और बवाल से गरमाया प्रदेश

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को अपराध, हादसों और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। सबसे चर्चित मामले में सचिवालय में तैनात निजी सचिव सौरभ खत्री की पत्नी और सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पति सौरभ खत्री और ननद चारू खत्री को गिरफ्तार कर लिया।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे प्रकरण की CBCID जांच के निर्देश दिए हैं, जिससे मामले की जांच अब और गहराई से होगी।

उधर हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की मौत हो गई। बताया गया कि एक साथी को बचाने के प्रयास में तीन अन्य युवक भी तेज बहाव की चपेट में आ गए। जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू किया, लेकिन चारों को बचाया नहीं जा सका।

हल्द्वानी की विशेष पोक्सो अदालत ने 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं।

इधर नैनीताल में आज से मॉल रोड को ‘नो हॉन्किंग ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है। तल्लीताल से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक हॉर्न बजाने पर ₹1000 का चालान किया जाएगा। हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण भी बताया है।

देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में तेज बारिश के बीच 21 वर्षीय युवक अमित सेमवाल का शव नाले से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे हादसा मान रही है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं रुद्रपुर में 65 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस जांच में जुटी है।

नैनीताल के मुक्तेश्वर में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ करने वाले दो युवकों की ग्रामीणों और युवतियों ने पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हरिद्वार के ज्वालापुर में मामूली विवाद के बाद दो पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। पुलिस ने दोनों पक्षों के नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।

वहीं पौड़ी में निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता और नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका के पति ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम की जांच टीम गठित कर दी है, जबकि पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क और जल सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन सभी मामलों में जांच और कार्रवाई का दावा कर रहे हैं।