पहल: देहरादून के स्टार्टअप का बड़ा दांव। AI ग्रोथ इंजन ‘सुपरसेई’ लॉन्च, CRM इंडस्ट्री को चुनौती

देहरादून के स्टार्टअप का बड़ा दांव। AI ग्रोथ इंजन ‘सुपरसेई’ लॉन्च, CRM इंडस्ट्री को चुनौती

देहरादून। उत्तराखंड में उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई पहचान देते हुए देहरादून स्थित स्टार्टअप द नेक्स्ट डोर एआई (The Next Door AI) ने अपना नया एआई ग्रोथ इंजन ‘सुपरसेई (SuperSEI)‘ लॉन्च किया है।

कंपनी का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक CRM (कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट) सिस्टम से अलग रियल-टाइम में ग्राहकों की रुचि (Intent) को समझकर स्वतः प्रतिक्रिया देता है और बिक्री (Sales) की पूरी प्रक्रिया को तेज व अधिक प्रभावी बनाता है।

जंपस्टार्ट टावर, देहरादून में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में स्टार्टअप के संस्थापक, शुरुआती ग्राहक और उत्तराखंड स्टार्टअप समुदाय के सदस्य शामिल हुए। यह कंपनी की ओर से देहरादून से किया गया पहला सार्वजनिक प्रोडक्ट लॉन्च था।

क्या है सुपरसेई?

कंपनी के अनुसार, पारंपरिक CRM केवल यह रिकॉर्ड करता है कि पहले क्या हुआ, जबकि सुपरसेई किसी ग्राहक के वेबसाइट पर आने के दौरान ही उसके व्यवहार का विश्लेषण कर उसकी खरीदारी की संभावना का आकलन करता है और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के तुरंत कार्रवाई शुरू कर देता है।

प्लेटफॉर्म का एआई सेल्स रिप्रेजेंटेटिव ‘सेई’ व्हाट्सएप, ईमेल और चैट के जरिए कुछ ही सेकंड में ग्राहकों को जवाब देता है, उनके सवालों का समाधान करता है, डेमो बुक करता है, पेमेंट लिंक साझा करता है और ऑटोमैटिक फॉलो-अप भी संभालता है।

कंपनी का दावा: रिस्पॉन्स टाइम घटा, कन्वर्ज़न बढ़ा

लॉन्च के दौरान कंपनी ने शुरुआती डिप्लॉयमेंट के नतीजे भी साझा किए। कंपनी के अनुसार, एक एआई जॉब-टेक कंपनी में हर महीने लगभग 5,000 लीड्स संभालने के दौरान पहला रिस्पॉन्स टाइम 6 घंटे से घटकर 1 मिनट से भी कम हो गया। वहीं, एक तिमाही के भीतर कन्वर्ज़न रेट 5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया।

क्या बोले संस्थापक?

को-फाउंडर मृणाल आनंद ने कहा कि समस्या लीड्स की संख्या नहीं, बल्कि समय पर प्रतिक्रिया न देने की थी। उन्होंने कहा कि सुपरसेई इसी सिस्टम संबंधी समस्या का समाधान करने के लिए विकसित किया गया है।

वहीं, को-फाउंडर कुंदन कुमार ने कहा कि एआई का उद्देश्य कर्मचारियों की जगह लेना नहीं, बल्कि उन कार्यों को स्वचालित करना है जिन्हें पहले प्रभावी ढंग से कोई संभाल नहीं पाता था।

लॉन्च के बाद हुआ विशेष ऑनलाइन सेशन

प्रोडक्ट लॉन्च के बाद “बिज़नेस ऑन स्टेरॉयड्स: सेई हेलो टू सेल्स ऑन ऑटोपायलट” विषय पर एक ऑनलाइन सेशन भी आयोजित किया गया। इसे गूगल सर्टिफाइड एआई ट्रेनर, TEDx स्पीकर और रेवैम्प ट्राइब के संस्थापक योगेश अग्रवाल ने संबोधित किया।

उत्तराखंड सरकार द्वारा स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल राज्य के उभरते तकनीकी स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।