480 टिन लीसा जब्त, लाखों के गबन का आरोपी गिरफ्तार, सड़क हादसे में मौत और मसूरी में टला बड़ा हादसा
देहरादून। उत्तराखंड में वन अपराध, वित्तीय अनियमितता और सड़क हादसों से जुड़े मामलों में बुधवार को कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। रामनगर में वन विभाग ने अवैध रूप से ले जाए जा रहे 480 टिन लीसा से भरे कैंटर को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की।
पौड़ी में करीब 19 लाख रुपये के गबन के आरोपी पूर्व सचिव को गिरफ्तार किया गया, हरिद्वार में कार और बाइक की भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई, जबकि मसूरी में चालक की सूझबूझ से बड़ा सड़क हादसा टल गया।
रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बन्नाखेड़ा रेंज की टीम ने मुखबिर की सूचना पर बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन किए जा रहे 480 टिन लीसा से भरे कैंटर को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान चालक जंगल की ओर फरार हो गया, जबकि परिचालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि लीसे को फूड कैट के नीचे छिपाकर काली पन्नी से ढककर ले जाया जा रहा था। डीएफओ प्रकाश आर्या ने कहा कि अवैध लीसा परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर पौड़ी के देवप्रयाग में बहुउद्देशीय सहकारी समिति लिमिटेड में लगभग 19 लाख रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे पूर्व सचिव शैलेंद्र गैरोला को श्रीनगर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने कार्यकाल के दौरान समिति की धनराशि में वित्तीय अनियमितता की थी। पूछताछ में उसने गबन की बात स्वीकार की है। मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र स्थित 4.2 फ्लाईओवर पर कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर में 30 वर्षीय मुनीर की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी इकरा और दो वर्षीय बेटी अहनिया घायल हो गईं।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी नितेश शर्मा के अनुसार घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान बाइक चालक की मौत हो गई।
वहीं मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच हवाघर मोड़ पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर लटक गया। चालक की सतर्कता से वाहन खाई में गिरने से बच गया और बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संवेदनशील मोड़ पर मजबूत क्रैश बैरियर लगाने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
इन चार घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था, वन संपदा की सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
जहां एक ओर वन विभाग और पुलिस की कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसता दिख रहा है, वहीं लगातार हो रहे सड़क हादसे और संवेदनशील मार्गों की स्थिति सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल भी खड़े कर रही है।


