खुलासा: RTI से खुली अपराध की फाइलें। हजारों मुकदमे, सैकड़ों हत्याएं और अधूरे रिकॉर्ड

RTI से खुली अपराध की फाइलें। हजारों मुकदमे, सैकड़ों हत्याएं और अधूरे रिकॉर्ड

  • 2000 से अप्रैल 2026 तक के पुलिस रिकॉर्ड में हत्या, लूट, डकैती, लंबित मुकदमे और रिकॉर्ड प्रबंधन की खामियां उजागर; कई थानों ने पुराने अभिलेख फटे-पुराने या नष्ट होने की बात कही।

ऊधमसिंहनगर। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त पुलिस रिकॉर्ड ने जनपद ऊधमसिंहनगर की अपराध स्थिति की एक व्यापक तस्वीर सामने रखी है।

समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया द्वारा विभिन्न थानों और कोतवालियों से वर्ष 2000 से अप्रैल 2026 तक के अपराध संबंधी आंकड़े मांगे गए थे। पुलिस विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचनाओं में हजारों मुकदमे, सैकड़ों हत्या, लूट, डकैती, मारपीट, लंबित मामलों और हजारों अभियुक्तों का विवरण सामने आया है।

आरटीआई के जवाबों के अनुसार कोतवाली जसपुर में इस अवधि के दौरान हत्या के 122, लूट के 46, डकैती के 6 और मारपीट के 133 मामले दर्ज हुए। यहां कुल 11,562 अभियुक्तों का उल्लेख किया गया, जिनमें 9,113 की गिरफ्तारी दर्शाई गई है।

वहीं कोतवाली काशीपुर ने वर्ष 2000 से 2007 तक के अपराध रजिस्टर खराब और फटे-पुराने होने के कारण सूचना उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2008 से 2026 के बीच गंभीर अपराधों के सैकड़ों मामले दर्ज हुए तथा 5,872 मुकदमे न्यायालय में लंबित बताए गए।

बाजपुर कोतवाली के रिकॉर्ड में हत्या के 101, लूट के 41, डकैती के 16 और मारपीट के 536 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने लंबित मामलों का प्रमुख कारण साक्ष्यों एवं गवाहियों का शेष होना बताया है।

गदरपुर कोतवाली में हत्या के 57, लूट के 50, डकैती के 9 और मारपीट के 778 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई, जबकि 561 मामले न्यायालय में लंबित हैं।

आरटीआई में यह भी सामने आया कि कई थानों के पुराने अभिलेख सुरक्षित नहीं हैं। खटीमा पुलिस ने बताया कि वर्ष 2000 से 2016 तक के कई रजिस्टर उच्चाधिकारियों के आदेश पर नष्ट (वीड आउट) किए जा चुके हैं। कई अन्य थानों ने भी रिकॉर्ड को फटा-पुराना, जीर्ण या उपलब्ध न होने की बात स्वीकार की, जिससे अभिलेख संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

अन्य थाना क्षेत्रों के आंकड़ों में पंतनगर में हत्या के 57, दिनेशपुर में हत्या के 16, लूट के 9 और मारपीट के 169 मामले दर्ज बताए गए। पुलभट्टा में हत्या के 25, लूट के 17 और डकैती के 2 मामले सामने आए, जबकि आईटीआई थाना क्षेत्र में हत्या के 21, लूट के 23 और डकैती के 4 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई।

आरटीआई जवाबों में कई स्थानों पर अभियुक्तों की संख्या, गिरफ्तारी और चार्जशीट के आंकड़ों में अंतर भी देखने को मिला। कुछ थानों ने फरार अपराधियों की संख्या शून्य बताई, जबकि अन्य ने वांछित अपराधियों की मौजूदगी स्वीकार की।

पुलिस ने यह भी बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए “ऑपरेशन प्रहार” जैसे अभियान संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि पिछले दस वर्षों में चलाए गए कुछ विशेष अभियानों की जानकारी को गोपनीय बताते हुए साझा नहीं किया गया।

इन आरटीआई दस्तावेजों से न केवल जिले की अपराध स्थिति बल्कि पुलिस रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मुकदमों और अपराध नियंत्रण व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी सामने आए हैं।

लगातार विभिन्न थानों से मिल रही सूचनाओं के बाद पूरे जिले के अपराध संबंधी आंकड़ों की तस्वीर और स्पष्ट होती जा रही है।