राजनीति: भाजपा में तीरथ को बड़ी जिम्मेदारी, धामी ने साधा थारू समाज। रुद्रप्रयाग में मंत्री सख्त, चौबट्टाखाल के अपनों ने खोला मोर्चा

भाजपा में तीरथ को बड़ी जिम्मेदारी, धामी ने साधा थारू समाज। रुद्रप्रयाग में मंत्री सख्त, चौबट्टाखाल के अपनों ने खोला मोर्चा

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में सोमवार को भाजपा से जुड़ी कई अहम गतिविधियां सामने आईं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान किया, जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में थारू समाज के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

दूसरी ओर रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने मानसून की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, जबकि देहरादून में चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने अपने ही विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के सामने विकास कार्यों और कथित अनियमितताओं को लेकर नाराजगी जताई।

तीरथ सिंह रावत को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

उनके साथ राम माधव, वसुंधरा राजे, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, भारती प्रवीन पंवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य और एम. नागराज समेत अन्य नेताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह वर्ष 2012 से 2017 तक चौबट्टाखाल से विधायक रहे और वर्ष 2019 में पौड़ी लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए थे। इससे पहले वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव सहित संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

आरएसएस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले तीरथ सिंह रावत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे हैं। वर्ष 2000 में वह नवगठित उत्तराखंड के प्रथम शिक्षा मंत्री बने थे। अब भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से उत्तराखंड की राजनीति में उनकी भूमिका एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गई है।

धामी ने थारू समाज से किया संवाद, विकास का भरोसा

उधर, खटीमा स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू समाज के प्रतिनिधियों से संवाद किया। समाज के लोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मूलभूत सुविधाओं और थारू संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और थारू समाज के बीच संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि थारू समाज से उनका जुड़ाव पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय समुदाय के प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और बेटियों को शिक्षा एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

रुद्रप्रयाग में आपदा मंत्री के सख्त तेवर

मानसून के बीच आपदा तैयारियों का जायजा लेने रुद्रप्रयाग पहुंचे कैबिनेट एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों, बंद सड़कों, उपलब्ध जेसीबी और अन्य मशीनरी के साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और क्यूआरटी की तैयारियों की जानकारी ली।

मंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क बंद होते ही इंपैनल मशीनों को तत्काल मौके पर भेजा जाए। मशीनरी की लोकेशन और उपलब्धता की अद्यतन जानकारी रखने के साथ ही अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया।

अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सहित कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई और स्थायी समाधान के लिए प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर साल बरसात में जलभराव की समस्या दोहराने के बजाय इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

पीपलकोटी टनल हादसे का जिक्र करते हुए मदन कौशिक ने रेस्क्यू सिस्टम को और मजबूत करने, मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण बढ़ाने तथा विशेषज्ञों की मदद लेने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि मानसून के दौरान राहत और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भाजपा कार्यालय में ‘अपनों’ ने ही खोला मोर्चा

इधर, देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय में चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के कुछ कार्यकर्ता और स्थानीय लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इसी दौरान चौबट्टाखाल विधायक और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी कार्यालय में मौजूद थे। लोगों ने उनके सामने क्षेत्र में विकास कार्यों में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और कार्यों में हो रही देरी से जुड़ी शिकायतें रखीं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के कई हिस्सों में विकास कार्य अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहे हैं। कुछ मामलों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें भी की गई हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर पहले भी मामले उठाए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

बीरोंखाल क्षेत्र से आए लोगों ने कहा कि वे राजनीतिक विरोध के लिए नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास और पारदर्शिता की मांग को लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।

सतपाल महाराज ने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मामले को आपसी समन्वय की कमी से भी जुड़ा बताया और शिकायतों पर आगे कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

एक ओर भाजपा ने तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व दिया है, वहीं धामी सरकार जनजातीय समाज और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय दिखाई दे रही है।

दूसरी ओर पार्टी के भीतर ही स्थानीय स्तर पर उठ रही शिकायतें संगठन और सरकार के लिए चुनौती भी पेश कर रही हैं। आने वाले समय में इन राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का असर प्रदेश की सियासत पर कितना पड़ता है, यह देखना अहम होगा।