क्राइम अपडेट: दबंगों की दबंगई, अस्पताल में उत्पात, मुठभेड़ में गिरफ्तारी और बुलडोजर एक्शन, पढ़ें….

दबंगों की दबंगई, अस्पताल में उत्पात, मुठभेड़ में गिरफ्तारी और बुलडोजर एक्शन

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। राजधानी देहरादून में एक युवक ने कुछ दबंगों पर अपहरण कर बेरहमी से मारपीट करने और प्राइवेट पार्ट पर हमला करने का आरोप लगाया है।

वहीं दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग में महिला शौचालय में तोड़फोड़ और चोरी की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

दूसरी ओर ऊधम सिंह नगर के गदरपुर में गौकशी मामले के फरार आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि जसपुर में सरकारी भूमि पर बनी कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।

पटेलनगर थाना क्षेत्र निवासी आजाद रावत ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि कुछ युवकों ने पहले उसके साथ विवाद किया, फिर उसे जबरन मंडी स्थित एक हॉल में ले जाकर बेरहमी से पीटा और उसके प्राइवेट पार्ट पर भी गंभीर चोट पहुंचाई।

पीड़ित ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इधर, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग के महिला शौचालय में अज्ञात शरारती तत्वों ने वॉश बेसिन, नलों की टोंटियां और शीशे तोड़ दिए तथा कुछ सामान चोरी कर लिया।

अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ पुलिस को शिकायत देने की तैयारी शुरू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था भी और कड़ी कर दी गई है।

उधर, ऊधम सिंह नगर के गदरपुर में करीब एक माह पुराने गौकशी मामले में फरार आरोपी मोईन को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित मांस, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

वहीं जसपुर तहसील के अहमद नगर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बनी कथित अवैध मजार को प्रशासन ने नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि निर्माण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए थे।

कार्रवाई के बाद भूमि को सरकारी कब्जे में ले लिया गया। राज्य सरकार ने दोहराया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।