खास खबर: पहली बारिश ने खोली सिस्टम की पोल, देहरादून-ऊधम सिंह नगर में जलभराव से जनजीवन बेहाल

पहली बारिश ने खोली सिस्टम की पोल, देहरादून-ऊधम सिंह नगर में जलभराव से जनजीवन बेहाल

  • राजधानी की सड़कें बनीं दरिया, बाजपुर में ट्रैक्टर बहा, स्कूलों-घरों में घुसा पानी; अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखंड में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने राहत से ज्यादा मुसीबतें लेकर दस्तक दी है। राजधानी देहरादून से लेकर ऊधम सिंह नगर तक कुछ घंटों की बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी।

शहरों की सड़कें जलमग्न हो गईं, कई इलाकों में घरों और स्कूलों में पानी घुस गया, ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई और लोगों को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी पहले ही दिन सटीक साबित हुई।

देहरादून में बुधवार सुबह शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने डालनवाला, आईएसबीटी, घंटाघर, प्रिंस चौक, सहारनपुर रोड, पटेल नगर और नेहरू ग्राम समेत कई इलाकों को जलमग्न कर दिया।

कई प्रमुख सड़कें छोटी नदियों जैसी नजर आईं। नालियां और ड्रेनेज सिस्टम पानी का दबाव नहीं झेल सके, जिससे जगह-जगह जलभराव हो गया और वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें सबसे अधिक बढ़ गईं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान राजधानी में यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। पहली ही बारिश ने शहरी जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी।

उधर, ऊधम सिंह नगर जिले में भी हालात गंभीर रहे। बाजपुर और रुद्रपुर में कई मोहल्लों और गांवों में घरों के भीतर पानी घुस गया।

बाजपुर के चकरपुर गांव और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सबसे अधिक प्रभावित रहे। विद्यालय के छात्रावास, कक्षाओं, डाइनिंग हॉल और स्टोर रूम तक पानी भर गया, जिससे छात्राओं की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई।

चकरपुर गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण के दौरान प्राकृतिक जल निकासी मार्ग बंद कर दिए गए, जिससे बारिश का पूरा पानी गांव की ओर आ गया और कई घरों में गंदा पानी भर गया। लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी पर सवाल उठाए हैं।

बारिश के दौरान बाजपुर क्षेत्र में तेज बहाव के कारण एक ट्रैक्टर भी पानी में बह गया। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इससे बारिश के दौरान बने हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं रुद्रपुर के जफरपुर क्षेत्र में भी कई घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया।

एसडीएम बाजपुर अमृता शर्मा ने बताया कि पुल निर्माण के कारण पानी गांव की ओर आ गया था। सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं जल निकासी का कार्य शुरू किया और करीब तीन घंटे में स्थिति काफी हद तक सामान्य कर दी गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस बीच मौसम विभाग ने 4 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और बागेश्वर समेत कई जिलों में तेज बारिश, बिजली चमकने, भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

मानसून की पहली ही बारिश ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि आगामी दिनों में इसी तरह बारिश जारी रही, तो शहरी जलभराव और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासनिक तैयारियों की वास्तविक परीक्षा अब शुरू हो गई है।