बिग ब्रेकिंग: सीएम के फायर ऑडिट निर्देशों के बीच हल्द्वानी स्कूल में लगी आग, प्रशासन सतर्क

सीएम के फायर ऑडिट निर्देशों के बीच हल्द्वानी स्कूल में लगी आग, प्रशासन सतर्क

हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित हीरानगर क्षेत्र में मंगलवार शाम केवीएम स्कूल परिसर में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और स्कूल परिसर में खड़ी दो बसों तथा एक जनरेटर को अपनी चपेट में ले लिया।

हालांकि समय रहते दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया, जिससे आग स्कूल के कक्षों तक नहीं पहुंच सकी और एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग सबसे पहले स्कूल भवन के एक हिस्से में दिखाई दी, लेकिन कुछ ही देर में ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। लेकिन तब तक परिसर में खड़ी दोनों स्कूल बसें और जनरेटर पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे।

घटनास्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र, सीओ अमित सैनी, तहसीलदार, कोतवाल विजय मेहता और मुखानी थाना प्रभारी सुशीला जोशी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

एसपी क्राइम जगदीश चंद्र ने बताया कि सीढ़ियों के पास रखे जनरेटर से आग फैलने की आशंका है। आग ने दो बसों को अपनी चपेट में ले लिया था, लेकिन अग्निशमन विभाग ने आग को स्कूल भवन के अंदर पहुंचने से पहले ही नियंत्रित कर लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

लखनऊ अग्निकांड के बाद बढ़ी चिंता

गौरतलब है कि एक दिन पहले लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी फायर सेफ्टी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेशभर के अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, होटलों, मॉल और अन्य सार्वजनिक भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा और आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी व्यवस्था की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

ऐसे में हल्द्वानी के स्कूल में लगी आग की घटना ने एक बार फिर प्रदेश में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।