बिग ब्रेकिंग: चढ़ावा चोरी मामले में निलंबित पीए प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार, CCTV फुटेज बना अहम साक्ष्य

चढ़ावा चोरी मामले में निलंबित पीए प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार, CCTV फुटेज बना अहम साक्ष्य

  • देहरादून स्थित आवास से देर रात गिरफ्तारी, चार अन्य कर्मचारियों से पूछताछ जारी; 32 दिन की गायब CCTV रिकॉर्डिंग भी जांच के दायरे में

देहरादून। बदरीनाथ धाम के चर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित वैयक्तिक सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल को चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया है।

रविवार देर रात उन्हें देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद औपचारिक गिरफ्तारी की गई।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बदरीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री में वित्तीय अनियमितता के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में एसआईटी गठित कर गहन जांच शुरू की गई।

विभागीय जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस के मुताबिक, 8 जुलाई 2026 को बीकेटीसी के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर पर कोतवाली बदरीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306 एवं 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

विभागीय जांच में प्रमोद नौटियाल पर चढ़ावे की धनराशि और अन्य भेंट सामग्री को निजी लाभ के लिए चोरी-छिपे ले जाने के आरोप सामने आए थे।

CCTV फुटेज बना अहम साक्ष्य

एसआईटी जांच में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम साक्ष्य के रूप में सामने आई है। पुलिस का दावा है कि 2 जुलाई की रिकॉर्डिंग में प्रमोद नौटियाल कई बार गणना कक्ष से धनराशि और अन्य भेंट सामग्री को मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा जेब में रखकर बाहर ले जाते दिखाई दिए।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उन्होंने अलग-अलग समय पर ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर के पैकेट भी कथित रूप से अपने कब्जे में लिए।

पहले उठे अपहरण के सवाल, फिर हुई गिरफ्तारी

रविवार रात सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मी प्रमोद नौटियाल को उनके घर से अपने साथ ले गए थे। स्थानीय पुलिस को तत्काल जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने अपहरण और अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर भी दी थी।

बाद में स्पष्ट हुआ कि उन्हें चमोली पुलिस की एसआईटी पूछताछ के लिए बदरीनाथ लाई थी, जहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

चार अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी मंदिर समिति के चार अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। इनमें सीसीटीवी निगरानी से जुड़े कर्मचारी, एक अधिकारी, सहायक लेखाकार तथा अन्य संबंधित कार्मिक शामिल हैं।

जांच टीम चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड संधारण और सीसीटीवी व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

32 दिन की गायब CCTV रिकॉर्डिंग पर भी जांच

मामले में 45 दिन के बजाय केवल 15 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का मुद्दा भी जांच के केंद्र में है। करीब 32 दिन की रिकॉर्डिंग गायब होने के कारणों की एसआईटी अलग से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग तकनीकी कारणों से नष्ट हुई या जानबूझकर हटाई गई।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वहीं एसआईटी गवाहों के बयान, सीसीटीवी रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।